सिर
पर 30 से 40 मिनट तक गुनगुने ब्राह्मी तेल से मालिश करें। उसके बाद गुनगुने
पानी से नहा लें। इससे स्मरण शक्ति में सुधार होता है और अटककर और हकला कर
बोलने का दोष मिट जाता है। इसके अलावा एक चम्मच सारस्वत चूर्ण और 1/2
चम्मच ब्राह्मी किरुथम शहद में मिला दें। इस मिश्रण को चावल के गोलों में
मिलाकर मुंह में रखकर अच्छी तरह से चबाने से हकलाहट में लाभ मिलता है।
बेहतर होगा अगर आप इसका सेवन नाश्ते के रूप में चटनी की तरह करें।