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Sweaty Palms Causes: क्या आपके हाथ हमेशा गीले रहते हैं? कहीं आप इन 5 छिपी हुई बीमारियों के शिकार तो नहीं!

Sweaty Palms Causes: क्या आपकी हथेलियां हमेशा पसीने से भीगी रहती हैं? जानिए इसके 6 बड़े कारण, कब हो सकता है खतरा और इसे कंट्रोल करने के आसान उपाय।

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भारत

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Dimple Yadav

Feb 24, 2026

Sweaty Palms Causes

Sweaty Palms Causes (photo- gemini ai)

Sweaty Palms Causes: क्या आपकी हथेलियां बिना किसी वजह के हमेशा गीली रहती हैं? न आप घबराए हुए होते हैं, न गर्मी होती है, फिर भी हाथों में पसीना आता रहता है। यह समस्या कई लोगों को होती है और कभी-कभी शर्मिंदगी भी महसूस कराती है, जैसे किसी से हाथ मिलाते समय, मोबाइल पकड़ते समय या लिखते वक्त।

2022 के एक अध्ययन के अनुसार कभी-कभी पसीना आना सामान्य बात है, लेकिन अगर हथेलियां हमेशा पसीने से भीगी रहें, तो यह सिर्फ मौसम या घबराहट की वजह नहीं भी हो सकती। इस स्थिति को हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है, जिसमें शरीर जरूरत से ज्यादा पसीना बनाता है। आमतौर पर यह हाथ, पैर, बगल या चेहरे को प्रभावित करता है और हफ्ते में कई बार बिना किसी कारण पसीना आता है। आइए जानते हैं हथेलियों में ज्यादा पसीना आने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं।

प्राइमरी हाइपरहाइड्रोसिस

यह सबसे आम कारण है। इसमें पसीना ग्रंथियां जरूरत से ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं, जबकि शरीर में कोई बड़ी बीमारी नहीं होती। यह समस्या बचपन या किशोरावस्था से शुरू हो सकती है और परिवार में भी चल सकती है। खास बात यह है कि दिन में ज्यादा पसीना आता है, लेकिन नींद में आमतौर पर नहीं आता। American Academy of Dermatology Association के अनुसार यह खतरनाक नहीं होता, लेकिन आत्मविश्वास और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डाल सकता है।

तनाव और चिंता

जब आप तनाव में होते हैं, डरते हैं या घबराते हैं, तो शरीर “फाइट या फ्लाइट” मोड में चला जाता है। इससे पसीना ग्रंथियां तेजी से काम करने लगती हैं, खासकर हाथ, पैर और बगल में।

थायरॉयड की समस्या

अगर थायरॉयड ज्यादा सक्रिय हो जाए (हाइपरथायरॉयडिज्म), तो शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है और ज्यादा पसीना आने लगता है। इसके साथ तेज धड़कन, वजन कम होना, घबराहट और गर्मी ज्यादा लगना जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।

लो ब्लड शुगर

खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों में ब्लड शुगर कम होने पर पसीना, चक्कर, कमजोरी और भूख लगना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

हार्मोनल बदलाव

किशोरावस्था, गर्भावस्था या मेनोपॉज के दौरान हार्मोन बदलते हैं, जिससे पसीना ज्यादा आ सकता है।

कुछ दवाइयों का असर

कुछ एंटीडिप्रेसेंट या नर्वस सिस्टम से जुड़ी दवाइयां ज्यादा पसीना आने का कारण बन सकती हैं।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

अगर अचानक बहुत ज्यादा पसीना आने लगे, सीने में दर्द, सांस फूलना, वजन कम होना, बुखार या रात में पसीना आए — तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

कैसे कंट्रोल करें?

मेडिकल एंटीपर्सपिरेंट, आयनटोफोरेसिस थेरेपी, तनाव कम करने की तकनीक, या गंभीर मामलों में बोटॉक्स इंजेक्शन मदद कर सकते हैं। साथ ही हाथ सूखे रखना, कैफीन कम लेना और साफ कपड़ा रखना भी फायदेमंद है। ज्यादातर मामलों में पसीने वाली हथेलियां खतरनाक नहीं होतीं। लेकिन अगर यह रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं, तो जांच करवाना बेहतर है। शरीर छोटे-छोटे संकेत देता है, बस उन्हें समझना जरूरी है।