
रेलवे स्टेशन परिसर पर खुले जन औषधि केन्द्र में लगा ताला
बीना. लोगों को सस्ती व अच्छी दवाई दिलाने के उद्देश्य से रेलवे स्टेशन पर प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र का शुभारंभ पीएम मोदी ने वर्चुअल किया था, लेकिन सही प्रचार व सभी प्रकार की जरूरी दवाईयां न मिलने के कारण बिक्री भी कम थी, जिससे यह केन्द्र कई दिनों से बंद पड़ा है।
दरअसल कई कामों को कराने के लिए रेलवे पहले उसका आंकलन नहीं करती है। यही कारण है कि १२ मार्च को रेलवे स्टेशन पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने जिस जनऔषधि केन्द्र का वर्चुअल शुभारंभ किया था, वह कई दिनों से बंद है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि इस केन्द्र से दवाईयों की बिक्री कम थी, जिससे इसपर काम करने वाले कर्मचारी की सैलरी भी नहीं निकल रही थी। इस वजह से संचालक ने इसे बंद करा दिया है, जिसे मनमर्जी से बंद नहीं किया जा सकता है। रेलवे अधिकारियों की मानें, तो रेलवे में लिए गए किसी भी काम को यदि नहीं करना है तो उसके लिए विधिवत प्रक्रिया निरस्तीकरण की होती है। इसमें कोई भी व्यक्ति अपनी मनमर्जी से इसे बंद नहीं कर सकता है।
नहीं मिलती थी सभी प्रकार की दवाएं
इस जन औषधि केन्द्र के खुलने के बाद से यहां पर सभी प्रकार की दवाईयां नहीं रखी जा रही थीं। शुरुआती समय में दर्द, बुखार, एनर्जी पाउडर, डायपर सहित कुछ अन्य दवाएं थीं, जबकि सामान्य मेडिकल पर सभी दवाएं रहती हैं। लोगों का कहना है कि यदि यहां पर सभी प्रकार की जैनरिक दवाईयां मिलती, तो शहर के लोग भी यहां पर दवा खरीदने के लिए आते, लेकिन यहां पर ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। लोगों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने की रेलवे की योजना फेल होती नजर आ रही है, जबकि इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री ने किया था।
Published on:
27 Apr 2024 12:24 pm
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