
Intermittent Fasting
नई दिल्ली। आजकल जहां लाइफस्टाइल ऐसी हो गई है कि व्यक्ति का स्वस्थ रहना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। वहीं आज कल कि डाइट और लाइफस्टाइल ऐसी है कि वजन का तेजी से बढ़ना तो तय होता है। अधिक भोजन के सेवन से शरीर में न सिर्फ फैट बढ़ता है वहीं ये कई बीमारी को साथ लेकर आता है। जब आप खाना खाने लग जाते हैं तो इसे फैट के बढ़ने के साथ-साथ पेट की सेहत के ऊपर भी असर पड़ता है। ज्यादा खाने से पेट में गैस,.पेट फूलना, अपच जैसे अनेकों दिक्कतें आने लग जाती हैं। इसलिए समय-समय पर खाना आपको स्वस्थ बना के रखता है।
यदि आप भी वजन को कंट्रोल करने कि सोंच रहे हैं तो आज हम आपको इंटरमिटेंट फास्टिंग के बारे में सब कुछ बताएंगें कि सेहत के लिए ये कैसे फायदेमंद हो सकती है।
सबसे पहले जानिए कि क्या होती है इंटरमिटेंट फास्टिंग
इंटरमिटेंट फास्टिंग की बात करें तो ये एक प्रकार से खाना खाने का एक पैटर्न होता है। यदि आप इस पैटर्न को फॉलो करते हैं तो आपको कम से कम 12 घंटे तक बिना कुछ खाए हुए ही रहना पड़ता है और वहीं खाना के सेवन का टाइम भी सिर्फ 6-7 घंटे का होता है। ये एक प्रकार से बहुत ही कॉमन इंटरमिटेंट फास्टिंग डाइट है। हम आपको कुछ आम सी चीजें बता रहे हैं जिसको अपनाकर अब भी इंटरमिटेंट फास्टिंग रख सकते हैं। इसको डाइट में फॉलो करने से व्यक्ति बहुत ही जल्दी अपने वजन को कम कर सकता है। ये तेजी से वजन घटाने में सहायक होती है।
इस डाइट को रखने के दौरान कौन-कौन सी चीज़ों का सेवन किया जा सकता है
याद रखें कि जब आप इंटरमिटेंट फास्टिंग रखते हैं तो इस दौरान आपको कम से कम 14 से लेकर 16 घंटों तक कम से कम भूखा रहना होता है। वहीं इस डाइट में किसी भी मीठी चीजों को भी शामिल नहीं किया जाता है। इस डाइट में आप अदरक की चाय, काली मिर्च की चाय, गुनगुना पानी आदि चीज़ों को शामिल कर सकते हैं। वहीं आप चुकंदर या फलों के जूस को भी रोजाना कि डाइट में शामिल कर सकते हैं। इस डाइट को फॉलो करते समय एक बात का विशेष ध्यान रखना होता है कि कोई भी खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना होता है।
अब ये जानिए कि इंटरमिटेंट फास्टिंग के क्या फायदे होते हैं
अनेकों रिसर्च के दौरान इस बात का पता चला है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग को रखने से आपका वजन तेजी के साथ कम हो जाता है। ये ऐज के बढ़ने जैसे अनेकों लक्ष्णों को भी कम करता है। इससे होने वाले और फायदों की बात करें तो ये दिल की सेहत में सुधार लेकर आता है, ब्रेन को इम्प्रूव बनाता है, व्यक्ति के जीवनशैली में सुधार लेकर आने जैसे कई कार्यों में मदद करता है। वहीं इसको फॉलो करने से बॉडी में इन्फ्लेमेशन को भी कम कर देती है और ये इन्सुलिन प्रतिरोध में सुधार करने में भी उपयोगी होती है। इससे ब्लड शुगर लेवल भी लंबे समय तक कंट्रोल में रहता है। वहीं ये डायबिटीज जैसी बीमारी को कम करने में भी बहुत ही ज्यादा मददगार साबित होती है।
Published on:
27 Nov 2021 05:04 pm
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