
हम बात कर रहे हैं शीशम के पत्तों की। शीशम का पत्ता मासिक धर्म से जुड़ी तमाम परेशानियों को कम करता है। आयुर्वेद चिकित्सकों के मुताबिक शीशम के पत्ते का इस्तेमाल विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है। यदि इनका नियमित रूप से इस्तेमाल किया जाए तो हैवी पीरियड्स में भी राहत मिल सकती है। अनियमित रक्तस्राव सामान्य हो जाता है और पीसीओडी जैसी समस्याएं भी दूर हो सकती है।
ऐसे करें शीशम के पत्तों का इस्तेमाल
आयुर्वेदिक चिकित्सक वेदवती शर्मा के अनुसार शीशम के पत्तों का नियमित यूज हैवी पीरियड्स से निजात दिलाता है। इसके लिए सबसे पहले शीशम के पत्तों का चूर्ण बनाएं, दो से तीन ग्राम दिन में 2 बार लेने से मासिक धर्म की रुकावट खत्म होती है। इसे काढ़े के रूप में भी पीया जा सकता हैं, 20-40 मिली काढ़ा को दिन में 2 बार देने से मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द में कमी आती है। वहीं इसका रस भी पीया जा सकता है। इसे मिश्री और काली मिर्च के साथ लेने में फायदा मिलता है।
ल्यूकोरिया का इलाज
शीशम के पत्तों से ल्यूकोरिया का भी ईलाज संभंव है। महिलाओं में ल्यूकोरिया एक सामान्य रोग है, लेकिन ये कभी—कभी गंभीर भी हो जाता है। असामान्य मात्रा में सफेद पानी निकलने से हेल्थ में गिरावट आने लगती है। इसका ईलाज भी शीशम के पत्तों में छिपा है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
11 Nov 2023, 2:02 PM IST
बड़ी खबरें
View Allघरेलू और प्राकृतिक उपचार
स्वास्थ्य
लाइफस्टाइल
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.