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Nature botox: जानिए फ्रोजन खीरा कितने काम का, दूर करेगा चेहरे के रिंकल्स

— अमरीकी इंफ्ल्यूएंजर ने किया दावा, फ्रोजन खीरा नेचुरल बोटॉक्स का बेहतरीन विकल्प— खीरा ऐसे बनाता है जवां
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जयपुर

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Jaya Sharma

•

Updated: 27 Oct 2023, 3:41 PM IST

त्वचा पर खीरे को लेकर कई तरह के एक्सपेरिमेंट भी होते आए हैं

Nature botox: जानिए फ्रोजन खीरा कितने काम का, दूर करेगा चेहरे के रिंकल्स

खीरे की खूबियां तो आपको पता होंगी। त्वचा की सुंदरता को बनाए रखने के लिए लम्बे समय से खीरे का उपयोग होता आया है। त्वचा पर खीरे को लेकर कई तरह के एक्सपेरिमेंट भी होते आए हैं। हाल ही खीरे की चर्चा इसलिए भी हैं, क्योंकि एक अमरीकी सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर कैंडल ने ये दावा किया है कि फ्रोजन खीरा उनके लिए नेचुअल बोटॉक्स साबित हुआ है।

जब खुद पर ट्राय किया तब पता चला
टिकटॉक पर कैंडल ने बताया कि उसने एक वीडियो देखा था, जिसमें एक महिला बर्फ से जमे हुए खीरे का उपयोग कर रही थी, उस महिला को देखकर कैंडल ने भी ऐसा ही किया और कुछ ही दिनों में उसे हैरान करने वाले नतीजे सामने आने लगे।
......
माइग्रेन में भी फायदा
विशेषज्ञों के मुताबिक खीरे का उपयोग न सिर्फ झुर्रियों को कम करने, बल्कि माइग्रेन और अन्य समस्याओं के इलाज के लिए भी किया जा सकता है। कैंडल के अनुभव बताते हैं कि अब उनके फ्रीज में खीरा हमेशा रहता है, वे खीरे के टुकड़ों को जमा देती है और हर दिन उसका उपयोग करती है। आइस रोलर के स्थान पर जमे हुए खीरे को लगाने से चेहरे की सूजन भी दूर होती है। इससे चेहरे की स्कीन बेहद मुलायम हो जाती है। विटामिन से भरपूर प्राकृतिक बोटोक्स खीरा सूजन में मदद करता है, इसे आप आसानी से स्टोर करके रखते हैं।

क्या है बोटॉक्स ट्रीटमेंट
बोटॉक्स स्किन को जवां बनाए रखने में मदद करती है। चेहरे के जिस हिस्से में झुर्रियां होती हैं उस हिस्से में बॉटुलिनम इंजेक्शन के डोज दिए जाते हैं, जिससे चेहरे की मांसपेशियों को आराम मिलता है। मांसपेशियों के सिकुड़ने से झुर्रियां बढ़ती हैं। यह ट्रीटमेंट झुर्रियों को कम करता है। ये ट्रीटमेंट आमतौर पर लोग 25 की उम्र के बाद लेने लगते हैं।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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