5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

PM मोदी का Lockdown वाला भाषण 19.7 करोड़ लोगों ने देखा, IPL को किया पीछे

IPL मैच का फाइनल देखने वालों से भी ज्यादा 24 मार्च को लॉकडाउन वाले PM नरेन्द्र मोदी के भाषण को टीवी पर देखा गया। इस भाषण को 201 से भी अधिक चैनलों पर लाइव किया गया था।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Pratima Tripathi

•

Updated: 28 Mar 2020, 9:57 AM IST

Almost 19.7 Cr People Watch PM Modi Speech on India Lockdown

PM Modi Speech on India Lockdown

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लॉकडाउन ऐलान वाला संबोधन टीवी पर सबसे ज्यादा देखा गया है। इसकी जानकारी टीवी रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्टिंग ऑडियंस रिसर्च काउंसिल्स (बार्क) ने दी है। इसपर प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि बार्क इंडिया के डेटा के मुताबिक, IPL मैच का फाइनल देखने वालों से भी ज्यादा 24 मार्च को लॉकडाउन वाले PM नरेन्द्र मोदी के भाषण को टीवी पर सबसे अधिक देखा गया। उन्होंने आगे लिखा कि इस भाषण को 201 से भी अधिक चैनलों पर लाइव किया गया। मोदी के भाषण को 19.7 करोड़ लोगों ने देखा, जबकि आईपीएल के फाइनल मैच को 13.3 करोड़ लोगों ने देखा था।

बार्क की रेटिंग के मुताबिक, 19 मार्च वाले पीएम मोदी के भाषण को 191 टीवी चैनलों पर दिखाया गया था और इसे 8.30 करोड़ लोगों ने देखा। साथ ही ये भी जानकारी दी है कि पिछले साल 8 अगस्त को जब पीएम ने संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधान खत्म करने की बात कही थी तो उसे 163 चैनलों पर दिखाया गया था और 6.5 करोड़ लोगों ने इस भाषण को सुना था। वहीं नोटबंदी के ऐलान वाले भाषण को 8 नवंबर 2016 को 114 चैनलों पर दिखाया गया है और इसे 5.7 करोड़ लोगों ने देखा था। यानी लॉकडाउन वाले भाषण को अब तक सबसे ज्यादा देखा गया है।

गौरतलब है कि कोरोनावयरस के चलते भारत को लॉकडाउन कर दिया गया है। ताकि देश में बढ़े कोरोनावायरस के केस को रोका जा सके। इस बीमारी से अब तक 800 से ज्यादा लोग संक्रमित है तो वहीं 20 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में सरकार लोगों की मदद के लिए काफी प्रयास कर रही है ताकि वो एक-दूसरे के संपर्क में न आ सके। सरकार ने इसके लिए हेल्फलाइन नंबर, व्हाट्सऐप नंबर, मेल और ऐप भी लॉन्च किया है ताकि लोगों को कोरोना वायरस से जुड़ी सही जानकारी दी जा सके और उन्हें इससे बचाया जा सके।