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आज का पंचांग 28 फरवरी 2019: अटके कार्य निपटाने का आज है महत्वपूर्ण दिन

आज का पंचांग 28 फरवरी 2019  
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आज का पंचांग 28 फरवरी 201: अटके कार्य निपटाने का आज है महत्वपूर्म दिन

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

आज जन्म लिए बच्चों के नाम ये, यो, भा, भी, भू अक्षरों पर रख सकते हैं। आज अर्धरात्रि 03.05 मिनट तक जन्में बच्चों का जन्म लोहे के पाए में होगापश्चात तांबे के पाए में होगा। सूर्योदय से लेकर संपूर्ण संपूर्ण दिवस पर्यन्त तक धनु राशि रहेगी। आज अर्धरात्रि 03.05 मिनट तक जन्म लिए बच्चे की मूल शांति अवश्य कराएं। ऐसे बच्चे शरीर से सशक्त होते हैं। प्रायः इनका भाग्योदय करीब 32 वर्ष की आयु में होगा। ये बच्चे स्वभाव से आक्रामक होंगे। इनकी नेतृत्व शक्ति मजबूत होगी। ये अपने कार्य स्थायी रूप से करेंगे। धनु राशि के जातक को अभिमान से बचना होगा।

-ये समय रहेगा शुभ

चौघड़िया के अनुसार समय प्रात 06.50 मिनट से 08.17 मिनट तक क्रमशः चंचल वा लाभ के चौघड़िया रहेंगे एवं दोपहर 04.56 मिनट से सांयः 06.23 मिनट तक शुभ का चौघड़िया रहेगा।

-आज का शुभ मुहूर्त

अनुकूल समय में समस्त कृषि कर्म करने के लिए शुभ मुहूर्त है।

-नक्षत्र

सूर्योदय से अर्धरात्रि 03.05 मिनट तक तीक्ष्ण दारूण मूल नक्षत्र रहेगा। पश्चात उग्र क्रूर षाढ़ा नक्षत्र लगेगा। अन्य कार्य सभी प्रकार के मंगल कार्यों के लिए मूल नक्षत्र निषिद्ध माने गए हैं। वहीं, सन्यास, मुकदमेबाज़ी आदि कार्य मूल नक्षत्र में किए जा सकते हैं। मकान, दुकान, मठ, मंदिर, रेललाइन, गुफा, छत, कुंआ, सड़क, और जल संबंधी कार्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में करना शुभ रहता है।

-तिथि

सूर्योदय से लेकर दिवस पर्यन्त तक पूर्णा संज्ञक दशमी तिथि रहेगी। दशमी तिथि को यमदेव की पूजा करनी चाहिए, वे निश्चिंत ही सभी रोगों को नष्ट करने वाले और नरक तथा अकाल मृत्यू से मानव का उद्धार करने वले हैं। यमदेव की नीमित्त किसी भी बहते जल में यम दीपदान करने से मनुष्य संपूर्ण पापों से मुक्ति पा जाता है।

-ये होंगे योग

सूर्योदय से प्रातः 10.13 मिनट तक बज्र योग रहेगा। वज्र योग के स्वामी वरुण देव माने जाते हैं। जबकि सिद्धि योग के स्वामी गजानन जी महाराज माने जाते हैं।

-विशिष्ट योग

वज्र योग को अशुभ योग माना गया है। किसी भी कार्य की शुरुआत के लिए वज्र योग के प्रथम 03.36 मिनट का त्याग करना चाहिए। सिद्धि योग बेहद शुभ होता है। इसमें किए गए धार्मिक कार्य सफल होते हैं।

-करण

सूर्योदय से सांयः 07.39 मिनट तक वणिज नामक करण रहेगा। इसके पश्चात विष्टि नामक करण लगेगा। इसके पश्चात बद नामक करण लगेगा।

व्रतोत्सव

व्रत/पर्वः राश्ट्रीय विज्ञान दिवस।

चंद्रमाः सूर्योदय से लेकर संपूर्ण दिवस पर्यन्त तक चंद्रमा अग्नि तत्व की धनु राशि में रहेंगे।

भद्राः सांय-07.39 मिनट से प्रारंभ भद्रा का निवास पाताल में रहेगा।

दिशाशूलः दक्षिण दिशा में (अगर कुछ बेहद ज़रूरी ना हो तो आज के दिन दक्षिण दिशा में यात्रा को टाल दें)।

राहु कालः दोपहर 02.03.30 ms 03.03.30 तक राहु काल वेला रहेगी। अगर हो सके तो इस समय में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।