
Makar Sankranti Rashifal : संक्रांति पर चमकेगा इन राशियों का भाग्य, धन लाभ के लिए करें ये अचूक उपाय। (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)
सूर्य के लग्न में गोचर से आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। सरकारी नौकरी में प्रमोशन, राजनीति और व्यापार में नेतृत्व उभरेगा, स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, लेकिन अहंकार से बचें। पारिवारिक सम्मान बढ़ेगा।
उपाय: सुबह सूर्योदय के समय तांबे के बर्तन से लाल चंदन और जल का अर्घ्य दें (21 बार), गले में 7 मुखी रुद्राक्ष धारण करें, काले तिल, गुड़ और गेहूं का दान करें।
वास्तु: घर के मुख्य द्वार को लाल रंग से सजाएं।
सक्रिय धन भाव से पुरानी पूंजी से लाभ होगा, आय के नए स्रोत बनेंगे, वैवाहिक सुख मधुर रहेगा, निवेश (संपत्ति-शेयर) शुभ रहेगा। पारिवारिक यात्रा सुखद रहेगी।
उपाय: सफेद कपड़े, चावल और दूध का दान करें, 7 अनाज (गेहूं, जौ, चना, उड़द, मूंग, तिल, चावल) का दान करें। लक्ष्मी सूक्त का पाठ करें।
वास्तु: धन कोण (उत्तर) को साफ रखें।
12वें भाव में गोचर के कारण अनावश्यक खर्च (यात्रा-चिकित्सा), विदेश के अवसर, लेकिन मानसिक अशांति-नींद की समस्या संभव है। कानूनी विवाद लंबे समय तक खिंच सकता है।
उपाय: नहाते समय शरीर पर काले तिल रगड़कर स्नान करें।
वास्तु: दरवाजे पर काला क्रिस्टल लटकाएं।
लाभदायक व्यवसाय और नौकरी में उन्नति, जीवनसाथी और बच्चों का पूरा सहयोग, बच्चों की शिक्षा में सफलता। धन की बचत अच्छी होगी।
उपाय: मंदिर में घी का दीपक जलाएं।
वास्तु: मुख्य द्वार पर चंदन का लेप लगाएं।
अपनी राशि (5वें भाव) में गोचर के कारण शत्रु का नाश, कोर्ट-मुकदमे में जीत, बच्चे खुश, नेतृत्व की भूमिका मजबूत होगी। बचत में रुचि बढ़ेगी।
उपाय: कपड़े दान करें, मंदिर में तिल के तेल का दीपक जलाएं।
वास्तु: अग्नि कोण (दक्षिण-पूर्व) को साफ रखें।
नौवें भाग्य भाव से धार्मिक यात्रा – पिता के साथ संबंधों में सुधार, लंबी दूरी की यात्रा सफल, निवेश फलदायी।
उपाय: सूर्य देव को गुड़-तिल के लड्डू चढ़ाएं और बांटें। विष्णु सहस्रनाम का जाप करें।
वास्तु: पूर्व-उत्तर कोने को साफ करें और दरवाज़े पर हरा क्रिस्टल रखें।
आठवें भाव से अचानक लाभ, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी गुप्त दोष, लंबी उम्र का योग। व्यक्तित्व आकर्षक बनेगा।
उपाय: सूर्य गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें।
वास्तु: मुख्य द्वार पर चावल के आटे से रंगोली बनाएं।
सातवें भाव से वैवाहिक सुख चरम पर, व्यापार में साझेदारी लाभदायक, धन लाभ, लेकिन वाद-विवाद में सावधान रहें।
उपाय: किसी ब्राह्मण को कंबल और काले तिल दान करें।
वास्तु: दक्षिण-पश्चिम दिशा में एक खाली बर्तन रखें।
छठे भाव से रोग-शत्रु-कर्ज की समस्या, नौकरी में कड़ी प्रतिस्पर्धा, पारिवारिक तनाव।
उपाय: गायों और कुत्तों को रोटी और गुड़ खिलाएं।
वास्तु: घर का बरामदा साफ रखें। मुख्य द्वार पर पीला बल्ब लगाएं।
लग्न गोचर के कारण करियर में उन्नति, संपत्ति की खरीद और प्रतिष्ठा में वृद्धि।
उपाय: तिल और गुड़ दान करें।
वास्तु: घर की उत्तर दिशा साफ करें और पूर्व दिशा में स्वास्तिक लगाएं।
12वें भाव से खर्चों पर नियंत्रण, धीमी प्रगति लेकिन अंत में स्थिरता।
उपाय: कौवों को खाना खिलाएं।
वास्तु: घर की पश्चिम दिशा साफ करें। मुख्य द्वार पर ओम लिखें।
11वें लाभ भाव से आय में वृद्धि, मित्रों और भाइयों का सहयोग, इच्छाओं की पूर्ति।
उपाय: किसी ब्राह्मण को कपड़े दान करें।
वास्तु: घर के पूर्वी हिस्से को सजाएं और साफ करें।
Published on:
14 Jan 2026 07:49 am
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