
आज का पंचांग 23 जून 2018
ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल
राष्ट्रीय मिति आषाढ़ 02 शक संवत् 1940 ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी शनिवार विक्रम सम्वत् 2075। सौर आषाढ़ मास प्रविष्टे 09 शव्वाल 08 हिजरी 1439 तदनुार अंग्रेजी तारीख 23 जून सन् 2018 ई०। दक्षिणायन, वर्षा ऋतु।
राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक, एकादशी तिथि अर्धरात्रोत्तर 03 बजकर 20 मिनट तक उपरान्त विशाखा नक्षत्र का आरंभ, शिव योग अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 31 मिनट तक उपरान्त सिद्धि योग का आरंभ, वणिज करण अपराह्न 03 बजकर 57 मिनट तक उपरान्त बव करण का आरंभ।
आज के मुहर्त- अनुकूल समय में नए घर की वास्तुशांति करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
चन्द्रमा दिन-रात तुला राशि पर संचार करेगा। आज ही भद्रा अपराह्न 03 बजकर 37 मिनट तक, निर्जला एकादशी व्रत, शुक्र आश्लेषा नक्षत्र में पूर्वाह्न 10 बजकर 15 मिनट, सर्वार्थ सिद्ध योग।
आज जन्म लिए बच्चों के नाम (रू, रे, रो, ता, ती) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से ताकतवर होंगे। ऐसे जातक शिक्षाविद् व मार्गदर्शक होंगे। इनके विचार संघर्षशील होंगे। प्रायः स्पष्टवादी व समाजसेवी होंगे। परद्रव्यहरण की मनोवृत्ति रहेगी।
पंचांग क्या है
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।
