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आज का पंचांग 31 अक्टूबर 2018: अहोई अष्टमी व्रत आज

आज का पंचांग 31 अक्टूबर 2018: अहोई अष्टमी व्रत आज
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भोपाल

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Tanvi Sharma

Oct 31, 2018

panchang

आज का पंचांग 31 अक्टूबर 2018: अहोई अष्टमी व्रत आज

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति कार्तिक 09 शक संवत् 1940 कार्तिक कृष्ण सप्तमी बुधवार विक्रम संवत् 2075 सौर कार्तिक मास प्रविष्टे 15, सफर 21, हिजरी 1440 तदनुसार अंग्रेजी तारीख 31 अक्टूबर सन् 2018 ई०।दक्षिणायण, दक्षिण गोल, हेमंत ऋतु।

राहुकाल मध्याह्न 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक। सप्तमी तिथि पूर्वाह्न 11 बजकर 10 मिनट तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ, पुष्य नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 2 बजकर 34 मिनट तक उपरांत आश्लेषा नक्षत्र का आरंभ।

आज के मुहर्त- अनुकूल समय में अहोई अष्टमी का पूजन करने के लिए शुभ मुहूर्त है।

साध्य योग अपराह्न 2 बजकर 29 मिनट तक उपरांत शुभ योग का आरंभ, बव करण पूर्वाह्न 11 बजकर 10 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात कर्क राशि पर संचार करेगा। आज ही अहोई अष्टमी व्रत (चन्दोदय व्यापिनी) गण्डमूल अर्धरात्रोत्तर 2 बजकर 34 मिनट से।

आज जन्म लिए बच्चो के नाम (हू, हे, हो, डा, डी) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे शरीर से मध्यम होंगे। ऐसे जातक सिद्धांतवादी होंगे। थोड़े से वृथाभाषी होंगे। इनकी दिनचर्या अनियमित रहेगी । प्रायः वंशानुगत प्राप्त संपदा का उपभोग करेंगे।

पंचांग क्या है

पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।