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भतीजे ने किया कॉल- चाचा, जिस ट्रेन में यात्रा कर रहे हो, उसमें है बम

आरपीएफ ने आरोपी को झांसी से पकड़ा
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होशंगाबाद

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poonam soni

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Updated: 2 May 2018, 12:07 PM IST

bomb blast

इटारसी. लोकमान्य तिलक टर्मिनस से गोरखपुर जाने वाली कुशीनगर में एक यात्री के मोबाइल पर आई ट्रेन में बम होने की सूचना ने यात्रियों के होश उड़ा दिए। बम की सूचना के चलते ट्रेन को 2 घंटे इटारसी स्टेशन पर रोका गया। हालांकि सूचना झूठी निकाली है। आरपीएफ ने थाना महाराष्ट्र निवासी सुधीर शर्मा को झांसी से गिरफ्तार किया है। लोकमान्य तिलक टर्मिनस से गोरखपुर जा रही ११०१५ कुशीनगर एक्सपे्रस दोपहर 12 बजे इटारसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आकर रुकी थी। उसी दौरान एसी कोच बी-2 के यात्री महत्तम शर्मा के मोबाइल पर आरोपी सुधीर पिता हरिवंश शर्मा ने सूचना दी कि तुम टे्रन से उतर जाओ उसमें बम रखा है। यह सुनते ही यात्री के होश उड़ गए। यात्री ने इसकी सूचना टीटीई को दी तो उसने स्टेशन प्रबंधक को बताया। सूचना पर जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारियों को दी तो वे भी दल-बल के साथ आ पहुंचे। इसी बीच सिटी पुलिस के जवान भी एसडीओपी के साथ स्टेशन पर पहुंच गए। वहीं आरपीएफ इंस्पेक्टर एसपी सिंह ने बताया कि बम की सूचना को गंभीरता से लिया था और पूरी ट्रेन को बारीकी से चेक किया था मगर कुछ नहीं मिला। इस मामले में जिस नंबर से फोन आया था। महाराष्ट्र निवासी सुधीर शर्मा को झांसी से गिरफ्तार कर लिया है।

एक घंटे बाद आया बम डिस्पोजल स्क्वाड
ट्रेन में बम की सूचना पर पहुंचे आरपीएफ के खोजी कुत्ते की मदद से चेकिंग शुरू की। तब तक बम डिस्पोजल स्क्वाड को सूचना दी जा चुकी थी। चूंकि यह दस्ता होशंगाबाद से आता है इसलिए स्टेशन पर पहुंचने में करीब एक घंटे लगा तब तक ट्रेन को रोके रखा गया और स्निफर डॉग व मैटल डिटेक्टर की मदद से जांच होती रही। बम डिस्पोजल स्क्वाड के आने के बाद चेकिंग में और तेजी आ गई।

यह रहे मौजूद
तत्काल आरपीएफ इंसपेक्टर एसपी सिंह, एसडीओपी अनिल शर्मा, टीआई विक्रम रजक पुलिस बल लेकर स्टेशन पहुंचे। कुछ देर में ही होशंगाबाद से अनिल पाठक, महावीर सिंह बम स्क्वॉयड लेकर आ गए। पुलिसकर्मियों के समूह ट्रेन के सभी कोच में बम ढूंढने लगे। बर्थ के नीचे रखे यात्रियों के लगेज, कोच के डस्टबिन, टॉयलेट सहित कोचों के नीचे भी देखा। लेकिन कहीं भी बम नहीं मिला। यात्री के फोन पर आई सूचना अफवाह निकली। डॉग-स्क्वॉड बम स्क्वॉयड से सर्टिफाइड होने के बाद ट्रेन को रवाना किया। आरपीएफ ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ रेलवे एक्ट की धाराओं के खिलाफ केस दर्ज किया।

जिस नंबर से कॉल आया उसकी ललितपुर की मिली लोकेशन
यात्री महात्तम शर्मा के मोबाइल पर बम की सूचना देने वाले व्यक्ति का कॉल कटने के बाद दो अन्य नंबरों से भी कॉल आए। यात्री के मोबाइल पर अलग-अलग तीन नंबर से कॉल आए। इसमें एक यात्री के भतीजे सुधीर शर्मा और मिथलेश और तीसरा अनजान व्यक्ति का कॉल था। जिस नंबर से यह सूचना दी गई। नंबर की लोकेशन सुरक्षा टीम को ललितपुर के पास की मिली। तुरंत आरपीएफ ने उक्त नंबर व व्यक्ति की तलाश शुरू की।

यात्रियों को जानकारी होती तो मच जाती भगदड़
कुशीनगर एक्सप्रेस बी-1 एसी कोच में 40 से ज्यादा और पूरी ट्रेन में करीब एक हजार से ज्यादा यात्री से सवार थे। बम स्क्वाॉयड डॉग स्क्वााड व जवानों ने एक-एक कर पूरे कोचों में चैकिंग की। इससे यात्री सकते में आ गए। ट्रेन में बम रखने होने की सूचना यात्री महात्तम शर्मा और अब्दुल कलाम शाह के अलावा किसी तीसरे को नहीं थी। अगर बम रखे होने की जानकारी यात्रियों को लग जाती तो भगदड़ मचने की नौबत आ जाती।

इसके पहले भी आ चुके है कॉल(दो साल में सात बार मिली झूठी सूचना )
-सवा दो साल पहले 24 जनवरी 2016 को गोंडवाना एक्सप्रेस में टिफिन बम मिलने की सूचना मिली। लेकिन बम नहीं मिला।
-29 जनवरी 2016 को बनारस-मुंबई महानगरी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-3 में बम की सूचना थी। तब कुछ नहीं मिला।
-2 फरवरी 2016 को प्लेटफार्म नंबर 2-3 पर बम रखा होने की सूचना थी, लेकिन कुछ नहीं मिला।
-22 नवंबर 2016 को कटनी-भुसावल पैसेंजर के एक जनरल कोच में टॉयलेट के पास लावारिस झोले में मटकी रखी थी। लेकिन उसमें नींबू, अंडा, दूध और हरी मिर्ची मिली थी।
-16 जुलाई 2017 को जंक्शन के फुट ओवरब्रिज को बम से उड़ाने की सूचना 100 डॉयल को बुधवाड़ा निवासी भगवती उर्फ मोटा पिता छन्नूलाल ने धमकी दी थी।
-11 अगस्त 2017 को जंक्शन पर डॉयल 100 को कॉल पर सूचना बम से उठाने की धमकी मिली जो झूठी निकली।