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Hepatitis-Day: लिवर के लिए खतरनाक हो सकते है चाट, फुल्की और एल्कोहल

लिवर कमजोर होने से हर साल 37 मरीज पहुंच रहे जिला अस्पताल
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होशंगाबाद

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poonam soni

•

Updated: 28 Jul 2019, 12:22 PM IST

Hepatitis

Hepatitis-Day: लिवर के लिए खतरनाक हो सकते है चाट, फुल्की और एल्कोहल

होशंगाबाद. बदलती लाइफस्टाइल और जंक फूड के सेवन से लिवर कमजोर के पैसेंट्स ज्यादा हो गए है। अगर आप भी चाट फुल्की या अन्य जंक फूड का सेवन करते तो थोड़ी सावधानी बरते, क्योकि ये आपके लिवर पर अटेक करता है। आज वल्र्ड हेपेटाइटिस-डे है। इसे नजरअंदाज करना आपके लिवर के लिए भारी पड़ सकता है। जिले में हर साल करीब ३७ मरीज जिला अस्पताल में उपचार कराने पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार इसका सबसे बड़ा कारण एल्कोहल लेना है। शराब का अधिक सेवन और बाहर की चाट $फुल्की खाने से लीवन कमजोर होता है। जिससे हेपेटाइटिस की समस्या बढ़ रही है।


बच्चों और युवाओं में ए और ई के लक्ष्ण :

हेपेटाइटिस पांच प्रकार (ए, बी, सी, डी और ई) के होते हैं। बच्चों और युवाओं में ज्यादातर हेपेटाइटिस ए और ई के लक्ष्ण मिलते हैं, जो दूषित पानी से होते हैं। इसके वायरस अधिकतर बारिश में पैदा होता हैं। जो एक से दो महिने में ठीक हो जाते है। वहीं हेपेटाइटिस बी और सी के वायरस क्रॉनिक होते हैं। यह लम्ंबे समय तक चलते हैं। बी और सी वायरस इंफेक्टेड ब्लड के कारण होते हैं। इन्हें पकड़ पाना मुश्किल होता है।


ऐसे होती है बीमारी
हेपेटाइटिस ए- मेडिसिन से हेपेटाइटिस ए का इलाज आसानी से हो सकता है। दूषित भोजन और जल इस बीमारी के प्रमुख कारण हैं। यह समस्या ज्यादातर लोगों को होती है।

हेपेटाइटिस बी- यह वायरस दशकों तक पकड़ में नहीं आता और भीतर ही भीतर अपना काम करता रहता है। यह लिवर को क्षतिग्रस्त कर देता है। यह वायरस इंफेक्टेड ब्लड, असुरक्षित यौन संबंध और संक्रमित मां से शिशु में प्रवेश करता है।

हेपेटाइटिस सी- यह जानलेवा वायरस बीस साल तक पकड़ में नहीं आता। इससे फिबरोसिस, तंतुमयता, क्रॉनिक सिरोसिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इस बीमारी से लिवर प्रभावित होता है। यह बीमारी मुख्य तौर पर संक्रमित खून से फैलती है। असुरक्षित सुइयां और अन्य संचारित माध्यमों से यह बीमारी फैल सकती है।

हेपेटाइटिस डी- इस वायरस का फिलहाल कोई इलाज नहीं है। इससे बचने का आसान तरीका है कि हेपेटाइटिस बी का टीका लगवा लें। इस वायरस की आशंका उनमें होती है, जो हेपेटाइटिस बी से ग्रसित होता है।

हेपेटाइटिस ई- संक्रामित पानी पीने से यह वायरस किसी व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकता है। हेपेटाइटिस ए और इ का इलाज सम्भव है और यह खतरनाक स्तर तक नहीं पहुंचती।

हेपेटाइटिस के मरीज
हरदा
हेपेटाइटिस बी 7
होशंगाबाद
हेपेटाइटिस बी 61, सी के 6
बैतूल
हेपेटाइटिस बी 15

यह करें उपाय
लो फैट डाइट लें
पानी साफ पीएं
जूस, फल और सब्जी खाएं
सादा खाना खाएं
100 ग्राम ग्लूकोज जरूरी ह
बेड रेस्ट जरूरी है

स्थिति अधिक खराब होने से लिवर कैंसर की स्थिति बन जाती
क्रॉनिक हेपेटाइटिस होने से स्थिति बिगडऩे वाली हो जाती है। स्थिति अधिक खराब होने से लिवर कैंसर तक की स्थिति बन जाती है। हेपेटाइटिस बी वैक्सीन है, जो हर तरह के हेपेटाइटिस को कंट्रोल करता है। बच्चे के जन्म के समय हेपेटाइटिस बी का टीका लगता है। साथ ही मरीज को समय समय पर अपना चेकअप कराना चाहिए।
डॉ. सुनील जैन, हार्ड स्पेशलिस्ट