
indian railway
इटारसी. विद्युत लोको शेड में तुगलकाबाद के 10 कंडम इंजनों को मेंटनेंस के लिए पहले भेजा गया था जिससे कर्मचारियों पर पहले से ही काम का बोझ बढ़ गया है इसका पहले से ही विरोध हो रहा था। इसी बीच अब तुगलगाबाद से ही 20 और कंडम लोको की लिस्ट एसी शेड प्रबंधन को मिली है जो जल्द ही एसी शेड में मेंटनेंस के लिए पहुंचेंगे। इधर, एसी शेड प्रबंधन के नाम से जारी हुई लिस्ट यूनियन की एसी शेड ब्रांच के हाथ लगने के बाद करीब 15 सदस्यीय दल ने प्रबंधन से मिलकर आपत्ति जताते हुए 6 पाइंट से ज्यादा काम नहीं करने और लोको जबरन थोपे जाने की स्थिति में शेड बंद करने की चेतावनी दे डाली है।
अप्रैल के पहले पखवाड़े में आए थे 10 लोको
एसी शेड में तुगलकाबाद के 10 कंडम लोको भेजे जाने को लेकर विभागीय चर्चा हुई थी। एसी शेड प्रबंधन ने इस पर सहमति दी थी जिसके बाद अप्रैल के पहले पखवाड़े में तुगलकाबाद शेड के 10 कंडम लोको मेंटनेंस के लिए भेजे गए थे। इन लोको का मेंटनेंस भी एसी शेड स्टाफ से कराया जा रहा था जिसे लेकर कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों में पहले से ही नाराजी चल रही है।
20 लोको की नई लिस्ट मिली
एसी शेड में ही पुराने लोको के साथ ही तुगलकाबाद के 20 ऐसे लोको भी जल्द पहुंचने वाले हैं जिनका मेंटनेंस यहां का स्टाफ करेगा। इनके आने के बाद 30 लोको हो जाएंगे। कर्मचारियों की मानें तो सभी लोको बहुत कंडम हैं जिनमें फेलुअर की संभावना ज्यादा रहती है और कर्मचारियों पर काम का दबाव भी रहता है। कम फेलुअर वाले ठीकठाक कंडीशन के लोको डीजल शेड को थमाए जा रहे हैं। अभी वहां पर 5 लोको मेंटनेंस के लिए दिए गए हैं।
१७६ लोको की होल्डिंग, स्टाफ १३५ लोको
एसी शेड में अभी 17६ लोको की होल्डिंग है। इन लोको के मेंटनेंस के हिसाब से कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हुई है। अब भी कई पद खाली पड़े हैं। एसी शेड में अभी १३५ लोको के हिसाब से पद स्वीकृत हैं। अभी जो कर्मचारी पदस्थ हैं उनसे ही अब तक १७६ लोको का मेंटनेंस कराया जाता रहा है। पहले तुगलकाबाद के 10 लोको लाए गए जिनका काम स्टाफ पर बढ़ा और अब यह २0 लोको और बढऩे वाले हैं जिससे कर्मचारियों पर काम का दबाव और बढऩा तय है। इसे लेकर कर्मचारियों में नाराजी बढ़ती जा रही है क्योंकि इस मामले में कर्मचारी संगठनों ने भी अब तक कोई ठोस विरोध दर्ज नहीं कराया है।
विरोध जताया है
यह बात सही है कि तुगलकाबाद के 20 और लोको कर्मचारियों पर थोपे जा रहे हैं। हमने प्रबंधन से चर्चा कर इस मामले में विरोध जताया है और अल्टीमेटम दिया है कि यदि लोको लिए जाते हैं तो 6 पाइंट से ज्यादा काम नहीं किया जाएगा।
संतोष शुक्ला, अध्यक्ष टीआरएस ब्रांच
चर्चा हुई है
लोको मेंटनेंस के लिए आना पॉलिसी मैटर है। इस मामले में यूनियन पदाधिकारियों से चर्चा हुई है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जाएगा और जो भी उचित हल होगा वह निकालने का प्रयास किया जाएगा।
संतोष शर्मा, सीनियर डीईई एसी शेड
Published on:
5 May 2018, 4:17 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.