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भाई दूज पर टीके का ये है शुभ मुहूर्त, लंबी आयु के लिए रखें इन बातों का ध्यान

भाई दूज में तिलक करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 27 मिनट तक है।
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Vinay Saxena

Nov 09, 2018

bhaai dooj

भाई दूज पर टीके का ये है शुभ मुहूर्त, लंबी आयु के लिए रखें इन बातों का ध्यान

नई दिल्ली: हर साल दिवाली के दो दिन बाद मनाए जाने वाले पवित्र त्योहार भाई दूज को लेकर सुबह से ही तैयारियां चल रही है। एक ओर जहां डीटीसी बसों में महिलाओं को नि:शुल्क यात्रा कराई जा रही है, वहीं दीवाली के बाद से बंद दुकानों में भी रौनक लौट आई है। भाई दूज में तिलक करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 27 मिनट तक है।

दिवाली के दो दिन बाद कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज आता है। इस बार यह 9 नवंबर यानी शुक्रवार को है। खास बात यह है कि दिवाली का 5 दिनों तक चलने वाला यह आखिरी पर्व होता है। इस दिन बहनें अपने भाईयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी आरती उतारती हैं और भाई की लंबी आयु और अच्छे भविष्य के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं।

भाई दूज का खास है महत्व


इस पर्व की मान्यता है कि भाई दूज के दिन भाई अपनी बहन के घर जाकर ही भोजन करे और बदले में उसे कोई उपहार दे। ऐसा करने से बहन का उसे सदैव आशिर्वाद मिलता रहता है और भाई के यश में बढ़ोत्तरी होती है और वह दीर्घ आयु प्राप्त करता है। कहा जाता है कि बहन से माथे पर टीका लगवाने से भाई सदैव अकाल मृत्यु से सुरक्षित रहता है।

ऐसे हुई थी इस पर्व की शुरुआत


इस बात का पुराणों में भी जिक्र है कि भैया दूज के दिन यमुना ने अपने भाई यम को घर पर आमंत्रित किया था और स्वागत सत्कार के साथ टीका लगाया था तभी से यह त्योहार मनाया जाता है। इस पर्व को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। भविष्योत्तर पुराण के अनुसार यमराज ने यमुना को वरदान दिया था कि जो भी व्यक्ति यम द्वितीया के दिन यमुना में स्नान करके बहन के घर जाकर हाथों से बना भोजन करेगा उसकी आयु लंबी होगी। यम द्वितीया पर माथे पर टीका लगवाने से और बहन के हाथों से बना भोजन करने पर अकाल मृत्यु से रक्षा होती है।