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इस गांव के लोगों के गले की हड्‌डी बन गया है ‘राफेल’, ये बातें कहकर पड़ोसी गांव लेते हैं मजे

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में वोट डालेंगे रफाल गांव के लोग पड़ोसी गांव रफाल केस के नाम पर लेते हैं चुटकी यहां के लोगों की मांग चाहिए सिंचाई की व्यवस्था

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इस गांव के लोगों के गले की हड्‌डी बन गया है 'राफेल', ये बातें कहकर पड़ोसी गांव लेते हैं मजे

नई दिल्ली। भारत में आजकल रफाल ( Rafale deal ) सबसे गर्म मुद्दा बना हुआ है। राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर राफेल के मुद्दे पर आए दिन आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि छत्तीसगढ़ ( Chhattisgarh ) में एक गांव है जिसका नाम 'राफेल' है।

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छत्तीसगढ़ के महासमुंद से करीब 135 किलोमीटर दूर बसे इस गांव के लोग अब अपने गांव के नाम से तंग आ गए हैं। भारतीय राजनीति में जहां ये मुद्दा गर्म है वहीं इस गांव के आस-पास बसे बाकी गांव 'राफेल' में रहने लोगों की रफाल केस के नाम पर ही चुटकी लेते हैं। कुछ लोग राफेल गांव में रहने वाले लोगों को कहते हैं कि 'मोदी सरकार चली गई तो कांग्रेस की सरकार यहां के लोगों को जेल में डाल देगी।'

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एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ से काफी दूर बसे इस गांव की सुध लेने कोई नेता यहां नहीं आता। रफाल गांव में लोकसभा चुनाव 2019 के दूसरे चरण में वोट डाले जाएंगे। लेकिन यहां के लोगों की मानें तो अभी तक न तो बीजेपी और न ही कांग्रेस का कोई नेता यहां चुनाव प्रचार के लिए आया है। जानकारी के लिए बता दें कि इस गांव में वर्त्तमान में लगभग 150 परिवार रहते हैं।

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यहां के किसान अभी भी बारिश के भरोसे खेती करते हैं। ऐसे में किसान परिवारों को किसानी छोड़ मजदूरी के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। पहले रायपुर जिले में पड़ने वाले इस गांव के लोगों की कोई खास मांग नहीं है। वे कहते हैं कि 'उन्हें केवल सिंचाई की व्यवस्था चाहिए बाकी कौन देश का प्रधानमंत्री बनेगा हमें कोई मतलब नहीं है।'