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कड़ी निगरानी के बाद भी भारत में कैसे घुस रहा है कोरोना वायरस, स्वास्थ्य मंत्री ने समझाई पूरी प्रक्रिया

भारत में कोरोना वायरस (coronavirus) के मामले लगातार देखने को मिल रहे हैं भारत में कोरोना वायरस (coronavirus) के 73 मामलों की पुष्टि हो चुकी है
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Vivhav Shukla

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Updated: 12 Mar 2020, 5:27 PM IST

corona virus in india

नई दिल्ली। कोरोना वायरस (coronavirus) ने पूरी दुनिया में आतंक मचा रखा है। मात्र चीन में इस वायरस ने 4000 लोगों से अधिक लोगों की जान ले ली है। वहीं भारत में भी कोरोना वायरस (coronavirus) के मामले लगातार देखने को मिल रहे हैं। बुधवार तक भारत में कोरोना वायरस के 73 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। कोरोना वायरस के चलते भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15 अप्रैल तक सभी वीज़ा पर पाबंदी लगाने का फ़ैसला किया है। लेकिन इन सब के बीच एक सवाल जो सबके मन में उठ रहा है कि एयरपोर्ट पर इतनी कड़ी निगरानी के बाद भी भारत में क्यों और कैसे घुस रहा है कोरोनावायरस ?

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इस सवाल का जवाब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Health Minister Dr Harsh Vardhan) ने संसद में दिया है। उन्होंने एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग प्रक्रिया (coronavirus screening at airport) की जानकारी देते हुए बताया कि आखिर कैसे कोरोना के मरीज स्क्रीनिंग से बच जाते हैं और कोरोना फालाते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना के रोकथाम पर भी बात की।

कैसे भारत आया कोरोना वायरस?

गुरुवार को लोकसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Health Minister Dr Harsh Vardhan) ने समझाया कि आखिर एयरपोर्ट्स (coronavirus screening at airport) पर इतनी कड़ी जांच के बाद भी कोराना भारत में कैसे आ रहा है। मंत्री जी ने बताया कि बाहर देशों से आए लोगों कि एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की जाती है लेकिन कोरोना पॉजटिव (coronavirus in india) होने के बाद भी रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है। दरअसल ऐसे लोगों में कोरोना अभी डिवेलप हो रहा होता है और स्क्रीनिंग के दौरान पकड़ में नहींं आता।

भारत में कैसे रुकेगा कोरोना का प्रकोप?

संसद में कोरोना की रोकथाम पर पर बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि कोरोना संदिग्ध मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है। देश में करीब 30 से 35 हजार लोग कम्युनिटी सर्विलांस में हैं। उनके हर मूवमेंट के ऊपर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग में रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी कई बार यह पॉजिटिव हो सकती है।

इसलिए जिस शख्स पर शक होता है उस पर भी निगरानी रखी जा रही है। ऐसे संदिग्ध लोगों की सभी जानकारियां देश के सभी जिलों में सर्विलांस अफसरों और राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दे दी जाती हैं।' स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि देशभर में कोरोना के मामलों पर केंद्र सरकार की पैनी नजर है। हर दिन शाम को हर राज्य से एक डीटेल रिपोर्ट आती है।

कोरोना पॉजिटिव मरीज के करीबियों की भी होती है जांच

हर्षवर्धन ने बताया कि एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के दौरान अगर कोई शख्स कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसके साथ उसके करीबी लोगों को भी घेरे में ले लिया जाता है और उनकी भी जांच की जाती है।