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शरीर से दूषित रक्त दूर करती है लीच थैरेपी, जानिए इसके फायदे

जोंक की लार में 100 से ज्यादा जैविक तत्व होते हैं जो एंटीबायोटिक, दर्दनाशक व रक्त धमनियों को खोलने वाले होते हैं।
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Sunil Sharma

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Nov 28, 2020

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यूनानी चिकित्सा पद्धति में लीच थैरेपी फायदेमंद होती है। इसमें मेडिसिनल लीच (एक प्रकार की जोंक) से रोग दूर किए जाते हैं। इस जोंक की लार में 100 से ज्यादा जैविक तत्व होते हैं जो एंटीबायोटिक, दर्दनाशक व रक्त धमनियों को खोलने वाले होते हैं।

इन बीमारियों में है उपयोगी
यह थैरेपी जोड़ों का दर्द, त्वचा, कान, नाक व गले संबंधी रोग, डायबिटीज से पैरों में हुए जख्म, पाचन क्रिया व रक्तसंचार में गड़बड़ी, कफ व गंजेपन के लिए अत्यन्त उपयोगी है।

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ऐसे होती है थैरेपी
शरीर के जिस हिस्से में यह थैरेपी करनी होती है वहां जोंक को छोड़ दिया जाता है। दूषित रक्त चूसने के बाद जोंक त्वचा से खुद ही अलग हो जाती है। इसमें मरीज को दर्द नहीं होता बल्कि जोंक के रैंगने का अहसास होता है।

एक से डेढ़ महीने तक चलता है उपचार
इस थैरेपी में इलाज एक से डेढ़ महीने तक चलता है जिसमें हफ्ते में 1-3 बार डॉक्टर को दिखाना पड़ता है। लंबी बीमारी में 3-4 माह तक इलाज चलता है। इस पद्धति में उपचार के बाद अक्सर रोगी को शरीर में खुजली महसूस होने लगती है जो 3-4 दिन में खुद ही ठीक हो जाती है।