
diesel fuel leaks in Siberia
नई दिल्ली। पूरी दुनिया इन दिनों कोरोना (Coronavirus) का दंश झेल रही है। रूस में हालात वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इस बीच खबर आई है कि साइबेरिया (Siberia) के एक पावर प्लांट के स्टोरेज से करीब 20 हजार टन डीजल लीक हो गया और अंबरनाया नदी में मिल गया।
डीजल के नदी में मिलने से नदी का रंग सफेद से लाल हो गया है। इस रिसाव के भयावहता को देखते हुए रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (President Vladimir Putin) ने स्टेट इमरजेंसी घोषित(Emergency declared in Siberia) कर दी।
दरअसल, साइबेरिया के नोर्लिस्क शहर( city of Norilsk) में मौजूद प्लांट से तेल का रिसाव हुआ है । ये रिसाव शुक्रवार को हुआ था लेकिन पुतिन को इसकी सूचना लेट से मिली। जिसके बाद उन्होंने प्रशासन से अपनी नाराजगी भी जताई है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक प्लांट से डीजल बहकर अंबरनाया नदी ( Ambarnaya River ) में मिल गया है। जिससे इस नदी का रंग बदल गया है। रूसी विशेषज्ञ इस नदी को साफ करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रह हैं। बताया जा रहा है नदी को पूरा तरह से साफ करने में लगभग 1.16 बिलियन यूरो तक खर्च हो सकते हैं।
बता दें प्लांट में फ्यूल टैंक का एक पिलर धंसने से तेल का रिसाव होना शुरु हुआ था। यह टैंक बर्फीली कठोर जमीन पर बना हुआ था जो तापमान बढ़ने के बाद पिघलने लगी।
यह पावर प्लांट मास्को से 2,900 किमी दूर नोर्लिस्क शहर में स्थित है। ऐसे में रिसाव की बात भी प्रशासन तक देर से पहुंची और तब तक नदी डिजल के कारण लाल हो चुकी थी।
Published on:
05 Jun 2020 06:25 pm
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