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समुद्र तट पर मौजूद हैं 6 करोड़ साल पुराने सीढ़ीनुमा पत्थर, डिजाइन देख हर कोई हैरान

आपने बहुत सी ऐसी चीजों देखी होगी जो अपने आप में यूनिक है। इनके बारे में जानकर हर कोई हैरान रह जाता है। आयरलैंड के उत्तरी तट पर यह सीढ़ीनुमा पत्थर मौजूद है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह 6 करोड़ साल पहले के बने हुए है। इनकी बनावट को देखकर हर कोई दंग रह जाता है।

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Stone pillars in hexagon shape Giant’s Causeway

Stone pillars in hexagon shape Giant’s Causeway

यह दुनिया में बहुत सारी विचित्र चीजों से भरी हुई है। आपको हर जगह कुछ ना कुछ ऐसी चीज मिल जाएगी, जो यूनिक है। इसके बारे में जानकर हर कोई हैरान रह जाता है। इनमें कई तो सालों पुरानी है। इसी कड़ी में आज आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे है जो पहले कभी नहीं देखी और सुनी गई है। एक समुद्र तट पर सीढ़ीनुमा पत्थर काफी सालों से बने हुए है। कहा जाता है ये 10, 20,100 साल नहीं बल्कि 6 करोड़ साल पहले के बने हुए है। इनकी बनावट को देखकर हर कोई दंग रह जाता है। आइए जानते है यह अनोखे पत्थर कौन से देश में स्थित है और इसकी क्या विशेषता है।

40 हजार सीढ़ीनुमा पत्थर
एक रिपोर्ट के अनुसार, आयरलैंड के उत्तरी तट पर यह सीढ़ीनुमा पत्थर मौजूद है। यह अनोखी जगह उत्तरी तट से करीब 6 किलोमीटर दूर एंट्रिम पठार पर है। इन पठार के कोनों पर विचित्र के बने पत्थर है। दिखने में यह पत्थर सीढ़ीनुमा आकार के हैं। यह पिलर की तरह बने हुए है। यह हेक्सागन यानी 6 कोने वाले आकार के हैं। बताया जा रहा है कि इनकी संख्या करीब 40 हजार के आस पास है।

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5-6 करोड़ साल पुराने हैं पत्थर
दिखने में यह पत्थर डिजाइन द्धारा तैयार किए नजर आते है। आपको यह जानकर हैरानी कि 6 कोनों वाले सीढ़ीनुमा यह पत्थरों को किसी ने नहीं बताया बल्कि पूरी तरह से प्राकृतिक हैं। रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि यह करीब पांच से छह करोड़ साल पुराने है। स्थानीय भाषा में इनको जायंट कॉजवे कहा जाता है। इनको देखने के लिए दूर दूर से लोग जाते है।


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15 से 20 इंच चौड़े और 82 फीट तक लंबे

बताया जा रहा है कि इन पत्थरों का निर्माण ज्वालामुखी फटने से निकलने वाले लावा से हुआ है। यह लावा बहकर समुद्र के पास आया तो ठंडा हो गया। इसके बार धीरे-धीरे यह बसॉल्ट पत्थर में बदल गया। एक दूसरे के बीच दबाव बनने की वजह से ये पिलर जैसे रूप में ढल गए और छह काने वाले पत्थर बन गए। इनका आकार 15 से 20 इंच चौड़ा और 82 फीट तक लंबा होता है।

1986 में यूनेस्को ने बनाया वर्ल्ड हेरिटेज
साल 1986 में इस जगह को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज घोषित कर दिया। इस खूबसूरत जगह को देखने के लिए लोग दूर से दूर आते है। यहां पर 50 पक्षियों की और 200 पौधों की अलग-अलग प्रजातियां भी मौजूद है। यहां का वातावरण काफी सुहावना है। दूसरे देशों से आने वालों लोगों की आंखों ठंडक पहुंची है और मन का शांति मिली है।