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थाईलैंड के लिए खेवनहार बना हिंदुस्तान, बच्चों को गुफा से निकालने में की ये बड़ी मदद

गुफा में फंसे 12 बच्चे और उनके कोच के सकुशल निकलने के बाद थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने भारत का खास तौर पर शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि हम भारतीयों के प्रति आभारी हैं

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Priya Singh

Jul 11, 2018

thailand pm said thanks to india for offering help in thai cave rescue

थाईलैंड के लिए खेवनहार बना हिंदुस्तान, बच्चों को गुफा से निकालने में की ये बड़ी मदद

बैंकॉक। थाईलैंड के उत्तर में स्थित दुनिया की सबसे दुर्गम गुफा से 12 फुटबॉलर बच्चों और उनके कोच को आखिरकार मंगलवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गुफा में फंसे जूनियर फुटबाल टीम के बच्चे और उनके कोच सहित 13 लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन इतना आसान नहीं था। इन बच्चों और कोच को निकालने की मदद के लिए विश्व भर से विशेषज्ञ थाईलैंड पहुंचे थे। दुनिया की सबसे दुर्गम गुफा मेंलेकिन 13 लोगों का रेस्क्यू करने में भारत सरकार ने भी अहम योगदान दिया था। गुफा में फंसे 12 बच्चे और उनके कोच के सकुशल निकलने के बाद थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने भारत का खास तौर पर शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि हम भारतीयों के प्रति आभारी हैं उनका यह योगदान हमारे लिए काफी मददगार साबित हुआ।

आपको जानकारी के लिए बता दें कि, थाईलैंड सरकार ने फंसे बच्चों को निकालने के लिए भारत सरकार से मदद मांगी थी। भारत की तरफ से इस रेस्क्यू में योगदान के तौर पर भारत ने हैवी केबीएस फ्लडपंप थाईलैंड भेजा था, इसी हैवी केबीएस फ्लडपंप से गुफा मेंलेकिन में पानी का स्तर कम किया गया जिससे फंसे बच्चों और उनके कोच को बचाने में बहुत मदद मिली। गौरतलब है कि गुफा में बचने वाले 12 युवा खिलाड़ी 11 से 16 आयुवर्ग के बीच थे। उनके साथ 25 वर्षीय कोच भी उसी थियाम लुआंग नामक गुफा में 23 जून को फंस गया था, जो उत्तरी थाईलैंड के चियांग राई प्रांत में है।

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एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार के आदेश पर केबीएस का हैवी फ्लडपंप महाराष्ट्र के सांगली जिला स्थित किर्लोस्कर समूह की कंपनी से भेजा गया था। किर्लोस्कर कंपनी के डिजाइनर हेड प्रसाद कुलकर्णी बीते शुक्रवार की रात को हैवी फ्लडपंप लेकर थाईलैंड रवाना हुए थे। इस हैवी फ्लडपंप के जरिए गुफा से पानी निकालने का काम शुरू किया गया जिससे रेस्क्यू में काफी मदद मिली।