
सिनेमाहाल में राष्ट्रगान पर नहीं खड़ा हुआ युवक, पुलिस ने पहुंचाया जेल
नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने जबसे सिनेमाहाल में बजने वाले राष्ट्रगान पर खड़े होनेआदेश दिया है तबसे इस बात पर बहस जारी है कि थियेटर में राष्ट्रगान ( national anthem ) पर खड़े होना सही है या नहीं। हाल का मामला बैंग्लोर का है। बैंग्लौर में मूवी देखने गए एक युवक के जनगणमन पर खड़े न होने पर पुलिस ने उसके खिलाफ राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल बैंग्लोर में पेशे से इंजीनियर जितिन मूवी देखने गए लेकिन राष्ट्रगान के बजने पर जतिन खड़े नहीं हुए, उन्हीं के साथ मूवी देख रहे सुमन कुमार ने जब इस बारे में जतिन को टोका तो जतिन और उनके बीच बहस हो गई। सुमन का आरोप है कि जितिन ने इस दौरान न सिर्फ वहां मौजूद कुछ महिलाओं को गाली दी बल्कि राष्ट्रगान के प्रति भई अपशब्दों का प्रयोग किया।
इसी घटना के बाद सुमन ने जितिन के खिलाफ Prevention of Insult to National Honours Act of 1971 के तहत केस कर दिया जिसके बाद पुलिस ने जितिन को गिरफ्तार कर लिया। इस एक्ट के मुताबिक-"जनगणमन गाए जाने पर कोई भी इंसान जो ऐसी सभा में विघ्न डालता है या राष्ट्रगान नहीं गाता है तो उसे 3 साल तक के लिए जेल या जुर्माना या दोनो चीजें हो सकती है।'’
आपको बता दें कि नवंबर 2016 में तत्कालीन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा ने सभी सिनेमा हालों को फ्लिम शुरू होने से पहले राष्ट्रगान चलाने का आदेश दिया था और सभी के लिए इस पर खड़े होना जरूरी है। हालांकि अगर जनगणमन किसी मूवी का हिस्सा होगा तो ऐसा करना जरूरी नहीं था।
2018 में इस नियम में संशोधन करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रगान चलाने का फैसला भी सिनेमा हाल के मालिकों को दे दिया था।
हालांकि खबर लिखे जाने तक जितिन को बेल पर छोड़ा जा चुका था।
Published on:
11 May 2019 01:28 pm
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