
गणपति प्रतिमा
मंदिर परिसर में भगवान गणेश के अलावा वीरभद्रेश्वर और मृत्युंजय स्वामी की भी आराधना होती है। इससे यह परिसर गणेश भक्तों के साथ भगवान शिव की आराधना करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में वर्षभर विभिन्न धार्मिक आयोजन होते हैं।
मंदिर परिसर में लगा पुराना शिलालेख भी इसके इतिहास की महत्वपूर्ण कड़ी है। शिलालेख में श्री गजानन सेवा समिति, गांधी नगर, गोकुल रोड का उल्लेख मिलता है। इससे मंदिर से जुड़ी धार्मिक गतिविधियों और समिति की भूमिका की जानकारी मिलती है। वर्षों से स्थानीय लोगों की सहभागिता के चलते मंदिर क्षेत्र के सामाजिक और धार्मिक जीवन का हिस्सा बना हुआ है।
मंदिर परिसर में गणेशोत्सव के दौरान गणपति प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। हर वर्ष उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। इस बार भी गणेशोत्सव को 12 दिनों तक मनाया जाएगा। इस दौरान सत्यनारायण पूजा, धार्मिक अनुष्ठान, प्रसाद वितरण सहित विभिन्न आयोजन होंगे। बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
गणेशोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में सुबह से ही पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। उत्सव के समापन पर विधिवत गणेश विसर्जन किया जाएगा।
मंदिर में गणेशोत्सव के अलावा वर्षभर विभिन्न धार्मिक पर्व और विशेष अवसरों पर पूजा-अर्चना होती है। मंदिर परिसर में स्थित गजानन समुदाय भवन में भी समय-समय पर धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
गजानन समुदाय भवन, श्री वीरभद्रेश्वर एवं श्री मृत्युंजय सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष एस.पी. सौंदती ने बताया कि बलमुरी सिद्धि विनायक मंदिर गांधी नगर और आसपास के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर में वर्षभर विभिन्न धार्मिक आयोजन होते हैं। गणेशोत्सव के दौरान विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस बार भी 12 दिवसीय गणेशोत्सव में श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ विविध आयोजन होंगे।
गजानन समुदाय भवन, श्री वीरभद्रेश्वर एवं श्री मृत्युंजय सेवा ट्रस्ट के कार्यदर्शी महादेवप्पा चिन्नप्पा रवदी ने बताया कि मंदिर परिसर में गणेशोत्सव के दौरान गणपति प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। हर वर्ष श्रद्धालु उत्साह के साथ इसमें भाग लेते हैं। इस बार भी सत्यनारायण पूजा, प्रसाद वितरण और बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
व्यवसायी एवं श्रद्धालु राजेश अग्रवाल ने बताया कि बलमुरी सिद्धि विनायक के प्रति गांधी नगर के साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों की भी विशेष आस्था है। अर्जुन विहार, अशोक ओणी, रेणुकानगर, राधाकृष्ण नगर और सिल्वर टाउन सहित कई इलाकों से श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शन के लिए आते हैं। गणेशोत्सव के दौरान मंदिर में विशेष उत्साह और भक्तिमय वातावरण रहता है।
पुजारी गुरु शास्त्री ने बताया कि मंदिर में विराजमान बलमुरी सिद्धि विनायक की प्रतिमा करीब चार फीट ऊंची है और कुंदगोल के काले पत्थर से निर्मित है। भगवान गणेश के इस स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालु विशेष रूप से पहुंचते हैं। विशेष पर्वों और गणेशोत्सव के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की संख्या और बढ़ जाती है।
Updated on:
11 Sept 2026 09:37 pm
Published on:
11 Sept 2026 09:22 pm
