2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Corona पॉजिटिव बताकर लाखों रुपए ऐंठ रहे थे अस्पताल, लापरवाही से गईं 11 की जान, जानिए क्या है पूरा मामला?

coronavirus के विकट दौर में भी तमाम अस्पताल मोटी कमाई करने से बाज नहीं आ रहे हैं (Hospital Made Fake Coronavirus Cases For Income In Vijayawada) (Andhra Pradesh News) (Vijayawada News) (Vijayawada Quarantine Center Case) (Coronavirus Treatment)...  

2 min read
Google source verification
Corona पॉजिटिव बताकर लाखों रुपए ऐंठ रहे थे अस्पताल, लापरवाही से गईं 11 की जान

Corona पॉजिटिव बताकर लाखों रुपए ऐंठ रहे थे अस्पताल, लापरवाही से गईं 11 की जान

(विजयवाड़ा): coronavirus के विकट दौर में भी तमाम अस्पताल मोटी कमाई करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी तरह का मामला आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में सामने आया। यहां गत रविवार स्वर्ण पैलेस क्वॉरंटाइन सेंटर में आग लगने से 11 मरीजों की जान चली गई।

यह भी पढ़ें:Atal Pension Yojana : रोजाना 7 रुपए की बचत से महीने में पा सकते हैं 5 हजार तक पेंशन, जानें कैसे करें आवेदन

31 में से 26 थे नेगेटिव...

हादसे के वक्त 31 कोरोना मरीज थे। जांच रिपोर्ट में साफ हुआ कि सेंटर के 31 में से 26 लोग नेगेटिव थे। यह सेंटर रमेश हॉस्पिटल का था। अस्पताल में ज्यादा मरीज होने के कारण कुछ को यहां शिफ्ट किया था। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा नियुक्त कमेटी की रिपोर्ट में कहा है कि महज सिटी स्कैन कर सामान्य लोगों को कोरोना पॉजिटिव बताकर रुपए ऐंठने के लिए भर्ती किया जाता था।

यह भी पढ़ें:Independence Day 2020: स्वतंत्रता दिवस मनाने में जोश रखें हाई, जरूर बरतें ये सावधानियां

जांच में सामने आईं यह लापरवाही..

जांच रिपोर्ट जिलाधीश इम्तियाज को सौंपी। जांच में लापरवाही के चलते अग्नि दुर्घटना होना बताया है। अग्नि निरोधक उपकरण नहीं मिले। क्षमता से ज्यादा मरीजों को अस्पताल में रखा गया और उपचार के नाम पर मनमाने रुपए वसूले गए।

यह भी पढ़ें:coronavirus Updates: India में 24 घंटे के भीतर Coronaके 64553 नए केस, एक हजार से अधिक मौतें

सीटी स्कैन कर बताते कोरोना...

शहर के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. वीवीबी चौधरी ने डॉक्टरों के वाट्सऐप ग्रुप पर खुलासा किया कि शहर के कई अस्पताल सीटी स्कैन कर लोगों को कोरोना बता रहे हैं। उपचार के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही है।

यह भी पढ़ें:Independence Day 2020: जोश और जज़्बे से भरे इन 10 देशभक्ति गानों के साथ मिलकर बनाए स्वतंत्रता दिवस को और भी स्पेशल

इलाज के लिए बनाए लाखों के पैकेज

रमेश अस्पताल सहित यहां के तमाम अस्पतालों ने कोरोना के इलाज के लिए पैकेज बनाए हैं। 10 दिन के लिए 5 लाख, 7 दिन के 4 लाख व 5 दिन के 3 लाख रुपए निर्धारित हैं। डेबिट, क्रेडिट कार्ड से भुगतान लिया जाता है। मरीजों को बीमा दावों के लिए रसीद तक नहीं देते। परिजन को आने-जाने की अनुमति तक नहीं है। विजयवाड़ा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. रसिक संघवी का कहना है, कोरोना मरीजों का सीटी स्कैन सिर्फ फेफड़े की स्थिति पता करने के लिए किया जाता है ताकि सही इलाज कर सकें।

ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

Story Loader