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मोबाइल नहीं मिलने पर महिला ने दी जान, दरवाजे पर बिलखती रही ढाई साल की मासूम

बेटी को पति के साथ भेजकर महिला ने साड़ी का फंदा बनाकर की खुदकुशी...

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इंदौर. इंदौर में एक मां ने अपनी ढाई साल की मासूम बेटी को बिलखता छोड़ घर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना शहर के हीरानगर इलाके की है। बताया जा रहा है कि घटना से कुछ देर पहले महिला ने चलाने के लिए पति से मोबाइल मांगा था क्योंकि पति दुकान पर जा रहा था इसलिए मना कर दिया। जिसके बाद महिला ने मासूम बेटी को भी पिता के साथ दुकान पर भेज दिया और घर में साड़ी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। घटना का पता उस वक्त चला जब महिला का देवर बच्ची को लेकर भाभी के पास छोड़ने आया। बिलखती मासूम और देवर दोनों दरवाजा पीटते रहे लेकिन महिला ने दरवाजा नहीं खोला। बाद में कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो घटना का पता चला।

पति ने मोबाइल नहीं दिया तो दे दी जान
हीरानगर के मारूति नगर में रहने वाली सुनीता चौकसे उम्र 25 ने गुरुवार शाम करीब 4-5 बजे के बीच घर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरु की। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। सुनीता के पति जितेन्द्र की घर के सामने ही पान की दुकान है। जिसने बताया कि गुरुवार दोपहर को खाना खाने के लिए घर आया था तब पत्नी सुनीता ने चलाने के लिए मोबाइल मांगा था लेकिन क्योंकि उसे दुकान पर वापस जाना था इसलिए उसने पत्नी को मोबाइल देने से मना कर दिया। खाना खाने के बाद पत्नी सुनीता ने ढाई साल की बच्ची कीर्ति को भी उसके साथ दुकान ले जाने के लिए कहा तो वो बेटी को साथ में लेकर दुकान पर चला गया। करीब एक घंटे बाद बच्ची कीर्ति रोने लगी तो पति जितेन्द्र ने सामने रहने वाले अपने छोटे भाई ओमप्रकाश को बुलाया और कीर्ति को मां के पास ले जाने के लिए कहा।

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बिलखती बेटी और देवर पीटते रहे दरवाजा
देवर ओमप्रकाश भतीजी कीर्ति को लेकर घर के अंदर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था उसने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया लेकिन सुनीता ने दरवाजा नहीं खोला। इस दौरान बेटी कीर्ति भी मां से मिलने के लिए बिलख बिलख रो रही थी। देवर ओमप्रकाश ने बिल्डिंग में ही रहने वाले दूसरे लोगों से पूछा तो पता चला कि काफी देर से दरवाजा बंद है और किसी ने सुनीता को नहीं देखा है। जिसके बाद देवर ओमप्रकाश वापस दुकान पर पहुंचा और भाई जितेन्द्र को पूरी बात बताई। उन्होंने पड़ोसियों के साथ मिलकर घर का दरवाजा तोड़ा तो अंदर सुनीता फांसी के फंदे पर झूली हुई थी। सुनीता का मायका सीधी में हैं उसकी शादी करीब 6 साल पहले जितेन्द्र के साथ हुई थी।

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