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10-10 रुपए जुटाकर बनाई गई है पीतल की 32 किलो की ‘संविधान बुक’, बनाने में लगे 49 हजार रुपए

-किताब में हैं संविधान के प्रमुख आर्टिकल्स संबंधित तस्वीरें

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constitution book

इंदौर। 32 किलो की 54 पन्नों की पीतल की किताब शायद ही आपने कभी कहीं देखी होगी। ऐसी ही एक अनोखी पुस्तक तैयार की है शहर के युवा लोकेश मंगल ने, जिसका नाम ‘संविधान से देश’ रखा गया है। इस पुस्तक में महज चित्रों के माध्यम से संविधान की मूल भावनाओं को दर्शाया गया है, ताकि अशिक्षित भी मौलिक अधिकारों व कर्तव्यों को जान सकें। 25 सांसदों, 45 विधायकों, 20 कलेक्टर, व 17 श्रेष्ठ संविधान विशेषज्ञों से तीन माह तक रायशुमारी के बाद तैयार की गई इस पुस्तक को बनाने में समस्त राजनीतिक दल के राजनेताओं का सहयोग भी मिला है।

कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है उद्देश्य

महज 14 घंटे में आमजन से 10-10 रुपए इकट्ठा कर इस प्रति को बनाया गया है। भारत के संविधान को लेकर बनाई गई पीतल की इस पुस्तक को बनाने का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक मनुष्य को मौलिक अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है। लोकेश मंगल ने बताया, अजर अमर दस्तावेज की चाह में इसे धातु पर उकेरा गया, ताकि आने वाले हजारों वर्ष तक इसे सहेजकर रखा जा सकें। धर्मगुरुओं ने चर्चा के दौरान पीतल को सबसे शुभ बताया है, जिसके चलते किताब पीतल पर बनाई गई। किताब को थावरचंद गहलोत, राज्यपाल, कर्नाटक की प्रेरणा से तैयार किया गया है।

26 नवंबर तक 99 पेज की बनेगी किताब

लोकेश मंगल ने बताया, संविधान दिवस 26 नवंबर, 2023 के पहले तक इस पुस्तक द्वारा 193 देशों के संविधान को पीतल की 4 फीट किताब द्वारा संजोने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति से 1 रुपए जीवन में एक बार के आधार पर एकत्रित किया गया। इसी कड़ी में महज 7 घंटे में किताब निर्माण में लगने वाली राशि 42000 रुपए एकत्रित किए गए। लोकेश ने कहा, किताब में कुल 99 पेज, 14 बाय 48 इंच के होंगे और इसका कुल वजन 57 किलो होगा, जिसमें मुख्य पृष्ठ का वजन 10 किलो है और इसमें करीब 6000 हजार चित्र होंगे। 26 नवंबर 2023 को भारतीय संविधान दिवस पर 193 देशों के संविधान को भी इसमें सम्मिलित किया जाएगा और तैयार होने के बाद दोबारा प्रकाशित किया जाएगा।

पुस्तक पर बनाया गीत

‘संविधान से देश’ पुस्तक पर ‘सबसे बड़ा संविधान हमारा...’ गीत भी बनाया गया है। लोकेश ने कहा, इसमें सिर्फ चित्र शामिल हैं। इसे बनाने में कुल 49 हजार रुपए लगे हैं और तमाम धर्मगुरुओं की सलाह भी ली गई हैं और फिर पीतल धातु का चुनाव किया गया। पुस्तक पर बनाया गीत पद्मश्री अनूप जलोटा गायक द्वारा गया है। इस गीत के लेखक लोकेश है, अनूप जलोटा द्वारा संविधान की जनजागृति में सहयोग दिया जा रहा है