
इंदौर। शहर के गंभीर मरीजों को अब एम्स जैसे संस्थानों से उपचार करवाने के लिए दिल्ली, भोपाल जैसे शहरों की ओर दौड़ लगाने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि, शहर के मेडिकल कॉलेज में ही एम्स के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में उन्हें उपचार की सुविधा मिले सकेगी। इस दिशा में एम्स भोपाल ने काम शुरू कर दिया है।
इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज समेत प्रदेश के 4 मेडिकल कॉलेजों में यह सुविधा जल्द शुरू होने जा रही है। एम्स इन मेडिकल कॉलेजों को मरीजों के साथ इलाज के लिए कंसल्टेंट के साथ ही डॉक्टर्स, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ के क्षमतावर्धन के साथ ही सपोर्ट भी करेगा। इस योजना का लाभ सबसे अधिक एमजीएम मेडिकल कॉलेज को मिलने की उम्मीद है। फिलहाल कॉलेज द्वारा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का संचालन पिछले एक वर्ष से किया जा रहा है। यहां विशेषज्ञों की भर्ती भी की जा रही है। ऐसे में जटिल बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सीधे एम्स के सहयोग से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में ही हर जटिल बीमारी की उपचार सुविधा मिल सकेगी।
केंद्र सरकार ने बनाई व्यवस्था
दरअसल, देश के चुनिंदा मेडिकल कॉलेजों को एम्स जैसे चिकित्सीय संस्थानों की सेवाओं का लाभ देने के लिए इस योजना को लागू किया है। इस नई व्यवस्था में मेडिकल कॉलेजों को एम्स के विशेषज्ञों के साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ का भी सपोर्ट मिल सकेगा। साथ ही स्थानीय मेडिकल कॉलेज में ही उन्हें विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज मिल सकेगा।
हम कर रहे योजना पर काम
एम्स द्वारा प्रदेश के 4 मेडिकल कॉलेजों में केंद्र की योजना के तहत उपचार योजना शुरू की जा रही है। जटिल बीमारियों के उपचार के लिए एम्स की मदद ली जा सकेगी। प्रदेश के रीवा, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर मेडिकल कॉलेज एम्स प्रतिनिधि के रूप में काम करेंगे। एम्स इन मेडिकल कॉलेजों को मरीजों के इलाज के कंसल्टेंट के साथ ही अन्य स्टाफ का भी सहयोग करेगा।
- डॉ. संजय दीक्षित, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज
Updated on:
07 Sept 2022 07:17 pm
Published on:
07 Sept 2022 07:16 pm
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
