
big GST raid on karnawat group- मध्यप्रदेश के सबसे बड़े पान कारोबारी के 40 प्रतिष्ठानों पर स्टेट जीएसटी ने बड़ी कार्रवाई की है। करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी के सिलसिले में यह बड़ी कार्रवाई की गई है। कार्रवाई का यह दौर बुधवार को भी जारी था।
एमपी के सबसे बड़े पान कारोबारी करणावत ग्रुप के 40 प्रतिष्ठानों पर एक साथ स्टेट जीएसटी ने कार्रवाई की है। जीएसटी के अधिकारी मंगलवार देर रात तक इन प्रतिष्ठानों पर स्टेट जीएसटी चोरी की जांच कर रहे थे। इनकी पान दुकानों के साथ ही 13 रेस्टोरेंट भी हैं। बुधवार को सुबह भी यह कार्रवाई जारी थी।
बताया जा रहा है कि पान मसाला और सिगरेट कारोबार में टैक्स चोरी की आशंका के कारण इंदौर के कर्नावत पान सेंटर पर कार्रवाई की गई है। इससे जुड़े कई प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की गई है। कर्णावत ग्रुप पर छापे के बाद सभी दुकानें जल्दी बंद हो गई थी। मौके पर संबंधित थानों का पुलिस बल भी तैनात किया गया था। करणावत ग्रुप के प्रमुख गुलाब सिंह हैं।
इस ग्रुप का खुल्ला व्यापार यानी रिटेल का कारोबार सबसे बड़ा है। जिसमें वे पान, सुपारी सहित सिगरेट का कारोबार करते हैं। सबसे खास बात यह है कि यह ग्रुप मुख्य रूप से अपने रिश्तेदारों को ही फ्रेंचाइजी देता है और उन्हें सभी मटेरियल खुद ही सप्लाई करता है। यह ग्रुप ने अब कई स्थानों पर भोजनालय भी बनाना शुरू कर दिए हैं, जहां कम पैसों में भरपेट भोजन दिया जाता है।
इसके पांच साल पहले भी इस ग्रुप पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का सर्वे हुआ था। जिसमें 50 लाख रुपए की अघोषित आय सामने आई थी। मुख्य रूप से कच्चे हिसाब-किताब में काम के कारण यह ग्रुप नजरों में आया है। कर्णावत ग्रुप के प्रमुख दफ्तर साउथ तुकोगंज, कनाड़िया और पीपल्याहाना में है।
करणावत ग्रुप के मुख्य संचालक गुलाब सिंह चौहान ने 20 वर्षों पहले छोटी सी दुकान से व्यापार शुरू किया था और आज कई दुकानें, टिफिन सेंटर, भोजनालय हैं। यहां तक कि इंदौर से बाहर भी कई शहरों में करणावत पान सदन नाम से कई दुकानें संचालित हो रही है। इस व्यापार को बढ़ाने में गुलाब सिंह चौहान ने अपने ही रिश्तेदारों को रोजगार दिया। ऐसे करीब 70 से अधिक रिश्तेदारों को इस व्यापार से जोड़ा। साउथ तुकोगंज में गुलाब सिंह चौहान रहते हैं, और उन्होंने वहीं पर पांच से ज्यादा फ्लैट लेकर रखे हैं, जो रिश्तेदारों को रियायती दर पर दिए हैं। खास बात यह है कि इन रिश्तेदारों के घर भोजन नहीं बनता है, जो भी भोजन बनता है वो करणावत भोजनालय में ही बनता है, वहीं सभी कर्मचारी भोजन करते हैं।
Updated on:
13 Mar 2024 01:05 pm
Published on:
13 Mar 2024 12:35 pm
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