
Minister Vijay Shah
Cabinet Meeting indore: मोहन सरकार ने इंदौर के राजवाड़ा में हो रही कैबिनेट बैठक लोकमाता अहिल्या बाई होलकर के सुशासन और न्याय को समर्पित की है। ऐसे में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह को इसमें एंट्री संभवत: नहीं दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक शाह को सोमवार देर रात तक न तो बैठक का एजेंडा भेजा गया और न ही वह बैठक में अपेक्षित किए गए। ऐसे में उनके मौजूद नहीं रहने पर सस्पेंस बना है।
कैबिनेट बैठक में मंत्री शाह शामिल होंगे या नहीं, इस पर कांग्रेस के अलावा कई पक्षों की नजर है। माना जा रहा है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक शाह को सरकार सीधे तौर पर शामिल करके कोई मुसीबत मोल नहीं लेना चाहती। वैसे भी बेशर्मी भरे बयान के बाद मंत्री शाह की हर तरफ निंदा हो रही है।
इधर, कांग्रेस का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मंत्री विजय शाह के बयान को ‘अयोग्य’ मानकर अपना फैसला सुनाया, लेकिन भाजपा अब भी इसे ‘योग्य’ मानती है और तभी अब तक मौन है। पूरा देश इस बयान की निंदा कर रहा है, लेकिन भाजपा फिर भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही। कोर्ट जाग गया, लेकिन सरकार नहीं जगी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को मीडिया से चर्चा में कहा, ऐसा लगता है कि भाजपा अब खुद को सेना और जनभावना से भी ऊपर समझने लगी है। मंत्री पद से विजय शाह जब तक इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आम व्यक्ति पर केस दर्ज होते ही उसके घर परिवार को पुलिस उठा लेती है जबकि आरोपी मंत्री को सरकारी संरक्षण मिल रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, कोर्ट की टिप्पणी न केवल विजय शाह के लिए, बल्कि भाजपा के चरित्र और चेहरे पर भी गंभीर सवाल उठाती है।
मंत्री विजय शाह और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पर कार्रवाई की मांग को लेकर भाकपा और माकपा ने सोमवार को संयुक्त रूप से मानव शृंखला बनाई। राज्यपाल से मांग की, मंत्रियों पर कार्रवाई की जाए। माकपा राज्य सचिव जसविंदर सिंह व भाकपा सह सचिव शैलेन्द्र कुमार शैली के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता भी शामिल रहे। सिंह व शैली ने मांग की है कि विजय शाह को मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए या बर्खास्त किया जाना चाहिए।
Updated on:
20 May 2025 09:29 am
Published on:
20 May 2025 09:29 am
