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CBSE 12th 10th Result 2023 : मप्र के टाॅपर्स बच्चों की कहानियां

- जानें इन बच्चों के क्या हैं भविष्य के सपने

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सीबीएसई के कक्षा 10वीं व 12 वीं परीक्षा के परिणाम में प्रदेश के कई युवाओं ने शानदार स्थान प्राप्त किया है, ऐसे में अब वे अपने भविष्य को लेकर कई तरह के सपने संजो रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न होनहार बच्चों ने अपनी इस उपलब्धि के कारणों सहित भविष्य में वे क्या करना चाहते हैं, इस संबंध में अपनी पसंद न पसंद को साझा किया है। ऐसे में आज हम आपकों प्रदेश के कुछ उन बच्चों की कहानियां बता रहे हैं, जो सीबीएसई के कक्षा 10वीं व 12 वीं परीक्षा के परिणाम में काफी उंचाइयों पर रहे।

देवांगी शाह- आइआइएम या आइपीएस का है सपना
देवांगी शाह जो इंदौर शहर के रानी सती गेट स्थित अहिल्या माता कालोनी में रहती हैं, उन्होंने कामर्स व गणित विषय में कक्षा 12वीं में 98.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। देवांगी का कहना है कि उन्होंने परीक्षा शुरू होने से ठीक एक माह पहले से वह प्रति दिन आठ घंटे पढ़ाई करती थीं। देवांगी के अनुसार वे भविष्य में आइआइएम या आइपीएस करना चाहती हैं। देवांगी की माता साधना जहां एक गृहणी है तो वहीं उनके पिता केतन शाह कृषि उपकरण का व्यवसाय करते है। देवांगी का घर रानी सती गेट स्थित अहिल्या माता कालोनी में है। देवांगी जो सेंट रेफियल्स स्कूल में पढी हैं वे कहती हैं उन्होंने परीक्षा की तैयारी लक्ष्य बनाकर की।

नमिया जैन- डॉक्टर बनने का सपना है
वहीं दूसरी ओर महू के आर्मी पब्लिक स्कूल में पढी नामिया जैन को 12वीं पीसीएम में 98.2 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। उनका लक्ष्य एम्स में पढ़ाई कर डाक्टर बनना है। नामिया के अनुसार उन्होंने स्कूल की पढ़ाई के साथ कोचिंग का मार्गदर्शन लिया, साथ ही अपने पिता से घर पर ही कुछ विषयों की बारीकियों को समझाया। इनके पिता नीलेश जैन आइआइटी इंदौर में प्रोफेसर हैं, जबकी मां राजुल गोयल हाउस वाइफ हैं। नमिया के अनुसार वह स्कूल व कोचिंग के अलावा मैं घर पर हर रोज दो से तीन घंटे पढ़ती थी।

अनिका पांडे- एरो स्पेस इंजीनियर बनना है सपना
सीबीएसई 12वीं पीसीएम में 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली अनिका पांडे का सपना भविष्य में एरो स्पेस इंजीनियर बनना है। इसके लिए इन्होंने इसके लिए जेईई की परीक्षा भी दी है, वे बीटेक में प्रवेश लेना चाहती हैं। इनके पिता एल पांडे बिजनेसमैन और मां हाउस वाइफ हैं। अनिका के अनुसार वे स्कूल में पढ़ाए विषयों को घर आकर याद करने के साथ ही हर रोज तीन से चार घंटे पढ़ाई करती थी। इनका कहना है कि कोचिंग क्लासेस से विषय को समझाने में आसानी हुई। इतना ही नहीं उनकी स्कूल की टीचर भी रविवार को भी एक्सट्रा क्लासेस लगाती थी।

दीक्षा सुपेकर- मुझे शोध कार्य करने में काफी रूचि है
इंदौर शहर की दीक्षा सुपेकर को 12वीं में 98.2 प्रतिशत माक्र्स मिले हैं। दीक्षा के अनुसार मैं बीए के बाद एमए की पढ़ाई पूरी करने के बाद पीएचडी करूंगी, क्योंकि मुझे शोध कार्य करने में काफी रूचि है। दीक्षा को हिंदी संगीत और सायकोलाजी में 100 में से 100 नंबर मिले हैं। वे 12वीं पास करने के बाद अब मुझे मनोविज्ञान से स्नातक और स्नातकोत्तर करना चाहती हैं। उनका मानना है कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में युवा खुद पर काफी दबाव महसूस करते है, जिसके चलते वे कई बार गलत कदम उठाते है। इसे देखते हुए उन्हें लोगों की काउंसिलिंग करना पसंद है। दीक्षा सुपेकर के पिता रविन्द्र सुपेकर एक मीडिया समूह में उच्च पद पर कार्यरत हैं। जबकि उनकी मां पल्लवी सुपेकर हैं।


10वीं में अग्रणी सिंह बैस- देश सेवा करनी है
अग्रणी सिंह बैस को सीबीएसइ की 10वीं में 90 प्रतिशत अंक मिले हैं। वे इंदौर के बख्तावर राम नगर में रहती हैं। अग्रणि का कहना है कि वे आगे चलकर देश सेवा करना चाहती हैं। 10वीं में आए अपने इस रिजल्ट को लेकर अग्रणि का कहना है कि उन्होंने इस दौरान इंटरनेट मीडिया और टीवी शोज से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। सेंट रेफियल्स स्कूल में पढ़ी अग्रणी अपनी इस सफलता में काफी बडा हाथ अपने दादा भैरो सिंह बैस का आशीर्वाद भी मानती हैं। उनका कहना है कि इस परिणाम को पाने के लिए उन्होंने खुद की पसंद को भी नजरअंदाज किया।