
नहीं आया कोई सफाई कर्मी, कलेक्टर-विधायक और डॉक्टरों ने की शहर की सफाई
इंदौर/ गोगा नवमी के पर्व पर शुक्रवार को सफाई कर्मी अवकाश पर रहे। ऐसे में देश की क्लीन सिटी इंदौर के आमजन, राजनीतिक दलों समेत विभिन्न संगठनों ने शहर को स्वच्छ रखने का बीड़ा उठाया और साथ मिलकर शहर के प्रमुख स्थानों, बाजारों व मुख्य क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से झाड़ू हाथ में लेकर स्वच्छता अभियान के तहत सफाई शुरु की। इस दौरान निगम कर्मियों ने भी शहरवासियों का सफाई में सहयोग दिया। सफाई अभियान में सुबह राजबाड़ा से सांसद शंकर लालवानी, पवन शर्मा संभागायुक्त, कलेक्टर मनीष सिंह, निगायुक्त प्रतिभा पाल, विधायक संजय शुक्ला, रमेश मेंदोला, आकाश विजयवर्गीय, मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, जीतू पटवारी समेत अन्य जन प्रतिनिधि और रहवासी शामिल हुए। इस सफाई अभियान में बच्चों से लेकर बुजुर्गों ने सहयोग दिया।
निगमायुक्त प्रतिमा पाल ने झाड़ीं सड़कें
14 अगस्त 2020 को गोगा नवमी पर्व के अवसर पर सफाई मित्रों के अवकाश के चलते शहर की सफाई व्यवस्था न बिगड़े ऐसे में सुबह 7 बजे इंदौर के हृदय स्थल राजबाड़ा पर निगम के साथ ही शहर के जनप्रतिनिधियों, रहवासी संगठन, मार्केट एसोसिएशन, शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक संगठन, सामाजिक संगठन, बैंक, एनजीओ टीम के सदस्यों ने मिलकर सफाई अभियान चलाया। अभियान के तहत कचरा एकत्रित करने, उसे उठाने ले लेकर हर जगह कोरोना बचाव के साथ काम किया गया। प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए, आवश्यक संसाधन जैसे ग्लब्ज, मास्क, बैंग आदि चीजों का इस्तेमाल किया गया।
इंदौर को चौथी बार नंबर वन आने से कोई नहीं रोक सकता- निगमायुक्त
निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने कहा कि, सफाई के मामले में बीते तीन सालों से इंदौर के सर्वश्रेष्ठ आने की सबसे बड़ी वजह ये है कि, यहा का नागरिक खुद ही अपने आसपास साफ-सफाई रखने की जागरुकता रखता है। यही कारण है कि, आज जारी अभियान सफाई का पर्याय बन चुका है। ये इंदौर के लिए गर्व की बात है, क्योंकि हर इंदौरी के खून में सफाई आ चुकी है। सफाई और गंदगी के बीच का फर्क सभी इंदौरी जानते हैं। 4 साल पहले शहरवासियों के भीतर शुरू हुआ ये जज्बा आज भी कायम है। अगर ऐसा ही रहा तो, इंदौर को चौथी बार भी नंबर-1 आने से कोई नहीं रोक सकेगा।
देश में सिर्फ इंदौर ही ऐसा शहर जहां जनभागीदारी से हो सकती है साफ-सफाई- कलेक्टर
वहीं, सफाई अभियान में शामिल होकर सड़कों पर झाड़ू लगाते हुए कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि, सफाई अभियान में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ कई एनजीओ भी शामिल हुए हैं। साथ ही, प्रशासनिक अधिकारी भी अपना दायित्व निभाते हुए नज़र आ रहे हैं। जनता ने ये अभियान खुद चलाया है, जो नगर निगम सफाईकर्मियों के प्रति सौहार्द बना हुआ है। सफाई मित्रों के लिए जनभागीदारी और नगर निगम एनजीओ इस जनभागीदारी में शामिल हुए हैं। कलेक्टर ने कहा कि, देश में सिर्फ इंदौर ही है, जहां जनभागीदारी से शहर की साफ-सफाई होती है और यहीं इस शहर की स्वच्छता में नंबर 1 आने की सबसे बड़ी वजह है।
गोगा नवमी के अलगे दिन रहता है अवकाश
बता दें कि, इस बार गुरुवार को गोगानवमी त्योहार मनाया गया। परंपरा के अनुसार हर साल इस अवसर पर रात को निकलने वाले जुलूस के कारण निगम सफाईकर्मी अगले दिन अवकाश पर रहते हैं। इस बार कोरोना के चलते प्रशासन की ओर से जुलूस निकालने की अनुमति तो नहीं मिली, लेकिन सफाईकर्मियों का अगले दिन यथावथ रहा। ऐसी स्थिति में शुक्रवार को शहर की सफाई व्यवस्था का बीड़ा नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों ने उठाया। जैसे स्वच्छता में नं. 1 शहर के लिए सफाई आदत बन चुकी है, वही मिसाल पेश करने के लिए शुक्रवार को हर गली और मोहल्ले में स्थानीय नागरिक, सामाजिक संगठन, नेताओं ने सफाई की।
Published on:
14 Aug 2020 01:18 pm

बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
