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1356 करोड़ की जल योजना का आज सीएम मोहन करेंगे भूमिपूजन, इंदौर में 24 घंटे वाटर सप्लाई

Water Supply Scheme : भविष्य के जल नेटवर्क को मजबूत करने सीएम मोहन आज 1356 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी जल परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। चौथे चरण से 400 एमएलडी अतिरिक्त आपूर्ति, 2029 तक 900 एमएलडी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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Water Supply Scheme

इंदौर को 24 घंटे मिलेगा पानी (Photo Source- Patrika)

Water Supply Scheme :मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर के भविष्य के जल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को 1356 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी जल परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। इस योजना के पूर्ण होने के बाद शहर में पानी की आपूर्ति क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी और कई क्षेत्रों में 24 घंटे जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके बाद सिंहासा आइटी पार्क में स्थापित लॉन्चपैड- इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर नवीनीकृत पुराने टर्मिनल भवन (टी-1) का लोकार्पण नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राममोहन नायडू और सीएम मोहन द्वारा किया जाएगा।

कार्यक्रम में शहर के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल होंगे। शनिवार को निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आयोजन स्थल दशहरा मैदान का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।

नर्मदा परियोजना का चौथा चरण हो रहा लागू

नगर निगम के अनुसार, मौजूदा समय में शहर में 400 एमएलडी से अधिक पानी की आपूर्ति हो रही है, जो बढ़ती आबादी के अनुसार पर्याप्त नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए नर्मदा परियोजना के चौथे चरण को लागू किया जा रहा है, जिससे अतिरिक्त 400 एमएलडी पानी मिलेगा। योजना के पूरा होने पर शहर में कुल जलापूर्ति करीब 900 एमएलडी तक पहुंचने का लक्ष्य है।

टनल तकनीक से पहुंचेगा पानी, 40 नई टंकियां बनेंगी

इस संबंध में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया, इस परियोजना के तहत आधुनिक तकनीक से टनल बनाकर जल आपूर्ति की जाएगी। शहर में 40 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे और 76 पुराने टैंकों का नवीनीकरण किया जाएगा। इससे पूरे शहर में जल वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। योजना के अंतर्गत 29 गांवों के 10 ऐसे वार्डों में पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जहां अब तक जल आपूर्ति नहीं पहुंच सकी थी। करीब 2.47 लाख नए घरेलू नल कनेक्शन दिए जाएंगे, जिससे बड़ी आबादी को लाभ मिलेगा। परियोजना को वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। पहले चरण के तहत पाइपलाइन और टनल निर्माण कार्य करीब 30 महीने में पूरा होने का अनुमान है।

परियोजना के प्रमुख कार्य

  • वाचू पॉइंट से राऊ सर्कल तक 2235 मिमी की लगभग 39 किमी लंबी ग्रेविटी मेन पाइपलाइन
  • तीन स्थानों पर 2870 मीटर लंबी टनल का निर्माण
  • राऊ सर्कल पर क्लोरीनेशन सिस्टम स्थापित
  • 40 नए ओवरहेड टैंक, 76 का नवीनीकरण
  • 400–600 मिमी की 27.4 किमी फीडर लाइन और 1200 मिमी की 4.7 किमी ग्रेविटी लाइन
  • 685 किमी लंबी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन

सीएम करेंगे 'लॉन्चपैड: इन्क्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर' का शुभारंभ

वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसके बाद सिंहासा आइटी पार्क में स्थापित लॉन्चपैड- इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर का शुभारंभ करेंगे। सिंहासा आइटी पार्क में स्थापित 'लॉन्चपैड : इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर' की स्थापना आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन (आइआइटी इंदौर का टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन एवं रिसर्च पार्क) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के संयुक्त सहयोग से की गई है। इस केंद्र का उद्देश्य डीप-टेक नवाचार को प्रोत्साहित करना, उच्च प्रभाव वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना, उन्नत विनिर्माण तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में प्रदेश को सशक्त बनाना और उद्योग एवं अकादमिक जगत के बीच सहयोग को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लॉन्चपैड सेंटर का अवलोकन करेंगे और यहां संचालित नवाचार व स्टार्टअप गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त करेंगे।

केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के हाथो आज होगा टर्मिनल-1 का शुभारंभ

इसी के साथ देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर नवीनीकृत पुराने टर्मिनल भवन (टी-1) का लोकार्पण रविवार को नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राममोहन नायडू और मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। नायडू वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेगे। टर्मिनल के शुरू होने से एयरपोर्ट की क्षमता बढ़कर सालाना 50 लाख यात्रियों तक पहुंच जाएगी। टर्मिनल शुरू होने से यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी और एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि सिक्योरिटी एनओसी आने के बाद उड़ानों का संचालन हो सकेगा। सांसद शंकर लालवानी ने बताया, 50 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार इस टर्मिनल में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां 400 यात्री बैठ सकेंगे।