8 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कांग्रेस ने पहली बार दलित महिला को दिया मौका, इंदौर में कांग्रेसियों में नाराजगी

MP Congress News: कांग्रेस ने पहली बार जहां दलित महिला को नेता प्रतिपक्ष बनाकर मौका दिया है, वहीं कांग्रेस पार्षद दल को नेता प्रतिपक्ष चुनने का अधिकार नहीं देने पर कांग्रेसियों की नाराजगी भी सामने आई है।
2 min read
Google source verification
MP Congress मध्य प्रदेश कांग्रेस Demo pic (photo: patrika)

MP Congress मध्य प्रदेश कांग्रेस Demo pic (photo: patrika)

Madhya Pradesh Congress: कांग्रेस ने वार्ड-45 से पहली बार पार्षद बनीं सोनिला मिमरोट(Sonila Mimrot) को नगर निगम इंदौर में नेता प्रतिपक्ष बनाया है, जिसका विरोध हो रहा है। इसके चलते आज एक नंबर विधानसभा के सभी ब्लॉक और वार्ड अध्यक्षों के साथ वार्ड प्रभारी व शहर कांग्रेस पदाधिकारी अपना इस्तीफा देंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को यह इस्तीफा दिया जाएगा। इधर, कांग्रेस ने पहली बार जहां दलित महिला को नेता प्रतिपक्ष बनाकर मौका दिया है, वहीं कांग्रेस पार्षद दल को नेता प्रतिपक्ष चुनने का अधिकार नहीं देने पर कांग्रेसियों की नाराजगी भी सामने आई है।

जीतू पटवारी और चौकसे दोनों की पसंद का नाम

शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चिंटू चौकसे को बनाने के बाद से एक पद-एक व्यक्ति की मांग लंबे समय उठ रही थी, क्योंकि चौकसे के पास इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष का भी पद था। नेता प्रतिपक्ष बनने की दौड़ में पूर्व नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख अलीम, उप नेता प्रतिपक्ष रहीं विनितिका यादव और लगातार चार बार पार्षद बनी रुबीना इकबाल खान थीं। फौजिया और रुबीना के वंदे मातरम विवाद में उलझने से विनितिका यादव का नेता प्रतिपक्ष बनना तय था, लेकिन कल नेता प्रतिपक्ष के पद से चिंटू चौकसे को हटाकर सोनिला को नेता प्रतिपक्ष बना दिया गया। बताया जा रहा है कि सोनिला, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और चौकसे दोनों की पसंद का नाम है।

यह कांग्रेसी देंगे इस्तीफा

सोनिला को नेता प्रतिपक्ष बनने के विरोध में एक नंबर विधानसभा के कांग्रेसी उतर आए हैं। इसके चलते एक नंबर ब्लॉक के अध्यक्ष योगेंद्र मौर्य, दो नंबर के अध्यक्ष प्रेम वर्मा, तीन नंबर के अध्यक्ष तरुण कुमायू, चार नंबर के अध्यक्ष जीतू पाटील और पांच नंबर के अध्यक्ष विपिन यादव अपने पद से इस्तीफा देंगे। इनके साथ में शहर कांग्रेस कमेटी के तीन पदाधिकारी राजेश मेवाड़ा, रोहन तावेड़ा, सुधीर सोनी और एक नंबर विधानसभा में आने वाले 17 वार्ड के अध्यक्ष, प्रभारी और महिला वार्ड प्रभारी भी अपना इस्तीफा देंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और शहर अध्यक्ष चौकसे को इस्तीफा दिया जाएगा।

स्वीकार हो जाएगा इस्तीफा

शहर अध्यक्ष चौकसे का कहना है कि पार्टी में अनुशासनहीनता बिल्कुल नहीं चलेगी। पार्टी लाइन से जो बाहर जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई जरूरी होगी। रही बात सोनिला मिमरोट को नेता प्रतिपक्ष बनाने और विरोध में एक नंबर विधानसभा के पदाधिकारियों के इस्तीफा देने की तो जो-जो इस्तीफा देगा स्वीकार कर लेंगे। पार्टी ने पहली बार दलित महिला को नेता प्रतिपक्ष बनाया है। इस नियुक्ति में मेरी कोई भूमिका नहीं है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी का फैसला है। सभी को मान्य करना होगा।