
पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अमय खुरासिया से टी-10 के भविष्य और भारत मेें इसके प्रयोग को लेकर बातचीत
इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) के नए सीजन का मिनी ऑक्शन मंगलवार को हुआ। इस बीच, क्रिकेट जगत में टी-10 के फॉर्मेट को लेकर भी चर्चा चल रही है। पत्रिका ने पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अमय खुरासिया से टी-10 के भविष्य और भारत मेें इसके प्रयोग को लेकर बातचीत की। खुरासिया ने नए फॉर्मेट के साथ ही टी-20, वनडे और टेस्ट क्रिकेट को लेकर कई बिन्दुओं पर अपनी राय दी। बकौल खुरासिया, टी-10 फार्मेट को दर्शक पसंद करेंगे, हो सकता है क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल करने इसे प्रमोट कर रहे हैं। पेश है उनसे बातचीत के प्रमुख अंश:
Q. पत्रिका: टी-10 क्रिकेट लीग की वजह से क्रिकेटर्स की तकनीक पर कुछ असर पड़ेगा ?
A. खुरासिया: भारत 140 करोड़ लोगों का देश है, ऐसे में जनता अपनी-अपनी पसंद के क्रिकेट फॉर्मेट को देखना पसंद करेगी, दर्शक बट जाएंगे और अपनी पसंद के हिसाब से मैच देखे जाएंगे। हर क्रिकेट में खेलने की तकनीक व प्रारूप अलग-अलग होता है।
Q. पत्रिका: किस तरह होगा टी-10 क्रिकेट फार्मेट, कब तक लागू कर दिया जाएगा ?
A. खुरासिया: भविष्य में जब कभी टी-10 क्रिकेट फार्मेट भारत में आएगा उसी वक्त इस खेल के नियमों के बारे में कुछ कहा जा सकता है। आखिरी समय में काफी बदलाव किया जा सकता है, जैसे कितने ओवर का पावरप्ले होगा, क्या टाइम आउट होगा आदि। इन सब के बारे में बताना अभी जल्दबाजी होगा।
Q. पत्रिका: पूरे विश्व में ऐसे सात देश हैं जहा टी-10 क्रिकेट लीग खेली जाती है, जब इसकी शुरुआत भारत में होगी तब दर्शक इसको कितना पसंद करेंगे ?
A. खुरासिया: क्रिकेट प्रेमियों को टी-10 क्रिकेट लीग काफी पसंद आएगी, शॉर्ट फॉर्मेट में यह मैच होंगे और कम समय में निर्णय आ जाएगा। जिससे दर्शकों में मैच देखने की उत्सुकता बढ़ जाएगी। शायद क्रिकेट की एंट्री ओलंपिक में करवाने के लिए ही इस फॉर्मेट को भारत में लाया जा रहा है।
Q. बतौर इंटरनेशनल क्रिकेटर आप इस देश के युवाओं को क्या संदेश देना चाहते हैं ?
A. खुरासिया: पैशन और एटीट्यूड से जीवन में कठिन से कठिन लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है। क्रिकेट में बहुत प्रतिस्पर्धा है, जीवन में धैर्य रखना बहुत जरूरी है, मेहनत का फल आज नहीं तो कल जरूर मिलता है।
प्रोफाइल—अमय खुरासिया
इंदौर के अमय खुरासिया ने भारत के लिए अपना डेब्यू साल 1999 में श्रीलंका के खिलाफ पेप्सी कप में किया था। पहले ही मैच में अमय ने शानदार अर्धशतकीय पारी खेली थी। श्रीलंका के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में अमय ने 45 गेंद पर 57 रन की पारी खेली थी, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के उड़ाए थे।
अमय ने भारत से 12 वनडे मैच खेले, जिसमें 149 रन बनाए। खुरासिया ने अपना अंतिम मैच श्रीलंका के खिलाफ 2001 में खेला। बाएं हाथ के बल्लेबाज खुरासिया ने 119 फर्स्ट क्लास मैचों में कुल 7304 रन बनाए जिसमें 238 रन सर्वाधिक स्कोर रहा। उन्होंने 21 शतक और 31 अर्धशतक लगाए। 112 लिस्ट ए मैचों में 3738 रन जुटाए। 38 की औसत से 4 शतक और 26 अर्धशतक लगाए।
Published on:
20 Dec 2023 05:18 pm
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