
Dhar Bhojshala : मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला वर्सेज कमाल मौला मस्जिद से जुड़े मामले में हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सोमवार को सभी पक्षों की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। उच्च न्यायालय की ओर से कहा गया है कि, चूंकि ये मामला सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है और सर्वे रिपोर्ट के क्रियान्वयन पर स्टे लगा हुआ है, इसलिए उच्च न्यायालय सभी पक्षों को सुनने के बावजूद फैसला देने की स्थिति में तब तक नहीं रह सकता, जब तक सुप्रीम कोर्ट की ओर से स्टे नहीं हटता।
इस दौरान कोर्ट में मौजूद कुछ पक्षकारों ने कहा कि एएसआई टीम की ओर से अबतक उन्हें सर्वे रिपोर्ट की कॉपी नहीं दी गई है। कोर्ट ने इस पर सर्वे टीम पर नाराजगी जताते हुए कहा- आपको स्पष्ट आदेश दिए थे कि सभी पक्षकारों को सर्वे रिपोर्ट की कॉपी देना है, फिर क्या बात है, जो अब तक उन्हें रिपोर्ट भी नहीं दी गई। कोर्ट ने पुरातत्व टीम से कहा- आप तत्काल रिपोर्ट दीजिए।
वहीं, दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई 2024 को करने जा रही है। इधर, हाईकोर्ट में मुस्लिम पक्ष के वकील सलमान खुर्शीद ने उच्च न्यायालय से मांग की है कि रिपोर्ट बड़ी होने के कारण उसकी स्टडी करने के लिए 4 हफ्ते का समय दिया जाए। इस पर उच्च न्यायालय ने उनसे कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का स्टे हटने के बाद ही आगे की कार्यवाही होगी।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद एक बार फिर सभी पक्षों के लोगों को अगली सुनवाई का बेसब्री से इंतजार शुरु हो गया है। फिलहाल, सभी की निगाहें अब 30 जुलाई पर जा टिकी हैं। जानकारी आशीष गोयल, हिंदू फ्रेंड फॉर जस्टिस की तरफ से याचिकाकर्ता और शिरिश दुबे एडवोकेट हिंदू पक्ष ने दी है।
Updated on:
22 Jul 2024 04:14 pm
Published on:
22 Jul 2024 04:13 pm
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