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Indore news: राजस्व विभाग में शुरु होगा ई-ऑफिस, ऑनलाइन होगा काम, रूकेगा फर्जीवाड़ा

Revenue Department: इंदौर नगर निगम के संपत्तिकर नामांतरण फर्जीवाड़े के बाद निगमायुक्त ने राजस्व विभाग में सभी फाइलें ई-ऑफिस के जरिए चलाने के निर्देश दिए हैं।
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Revenue Department: फाइलें ई-ऑफिस के जरिए चलाने के निर्देश (Photo Source - Patrika)

Revenue Department: फाइलें ई-ऑफिस के जरिए चलाने के निर्देश (Photo Source - Patrika)

Indore news: एमपी के इंदौर शहर में हाल ही में नगर निगम के राजस्व विभाग में संपत्तिकर नामांतरण का फर्जीवाडा़ सामने आया है, जिसकी जांच चल रही है। कल जब निगमायुक्त ने राजस्व विभाग के अफसरों की क्लास लगाई तो उन्होंने विभाग से संबंधित सभी फाइलें ई-ऑफिस (ऑनलाइन) के जरिए चलाने के निर्देश दिए ताकि फर्जीवाड़े को रोका जा सकें। ई-ऑफिस की व्यवस्था एक-दो दिन में लागू करने, बड़े टैक्स बकायादारों पर शिकंजा कसने और पैसा न देने पर उनकी संपत्ति पर ताला लगाने का भी अफसरों से कहा गया है।

पेश की जाएगी जांच की रिपोर्ट

राजस्व विभाग मुख्यालय पर लगभग 354 से अधिक संपत्तिकर खातों का नामांतरण नोटरी के आधार पर कर दिया, जबकि नोटरी पर नामांतरण नहीं होता है। इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद जांच चल रही है, जिसकी रिपोर्ट एक-दो दिन में निगमायुक्त क्षितिज सिंघल की टेबल पर पहुंचने वाली है। इधर, निगमायुक्त सिंघल ने कल सिटी बस ऑफिस में राजस्व विभाग के अपर आयुक्त आकाश सिंह, उपायुक्त गरिमा पाटीदार, 22 जोन के समस्त सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ), बिल कलेक्टर आदि की क्लास लगाई।

मैन्यूअल काम पूरी तरह बंद

निगमायुक्त सिंघल ने अफसरों को सख्त लहजे में कहा कि राजस्व विभाग में अब ई- ऑफिस के जरिए सारी फाइलें चलेंगी। हर काम की नोटशीट डिजिटल होगी और मैन्यूअल काम पूरी तरह बंद होना चाहिए। इससे फर्जीवाड़ा रूकेगा और काम में पारदर्शिता आएगी। राजस्व विभाग में ई-ऑफिस व्यवस्था एक-दो दिन में शुरू करने के निर्देश अपर आयुक्त सिंह को दिए गए हैं।

संपत्ति पर लगाए जाएंगे ताले , चलेगा अभियान

समस्त एआरओ और बिल कलेक्टर को निर्देशित किया कि बड़े टैक्स बकायादारों के विरूद्ध विशेष वसूली अभियान चला कर पैसा लाए। जो पैसा न दें, उनकी संपत्ति पर ताले लगाए जाए। राजस्व वसूली कार्य के दौरान जोन क्षेत्र में पीओएस मशीन एवं कंम्प्यूटर सिस्टम की अतिरिक्त डिमांड होने पर संसाधन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। वसूली के दौरान जो चेक बाउंस हुए हैं, उन चेक की रिकवरी भी एक सप्ताह में करने का कहा गया है। बिजली वितरण कंपनी के डाटा अनुसार रेसीडेंशियल व कमर्शियल प्रॉपर्टी का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं।