1 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Indore News: 7 दिन चली शादी, कोर्ट ने कूलिंग पीरियड से छूट देकर दी तलाक की मंजूरी

Seven-Day Marriage Divorce: शादी के बाद युवती ने पति को जबरदस्ती शादी कराई गई है, युवती ने किसी दूसरे युवक से प्यार करने की बात भी पति व ससुरालवालों को बताई, दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से तलाक की याचिका लगाई थी।
2 min read
Google source verification
INDORE

family court waives cooling off period grants divorce after seven day marriage, एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर

Indore Seven-Day Marriage Divorce: सात दिन की शादी..जी हां एक ऐसा ही अनोखा मामला मध्यप्रदेश के इंदौर से सामने आया है। यहां शादी के 7 दिन के भीतर ही नवदंपती ने सहमति से तलाक की याचिका दाखिल कर दी, जिसे अब कोर्ट ने स्वीकार करते हुए तलाक की मंजूरी दे दी है। दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने इसे एक विशेष मामला माना। न्यायालय ने सामान्य परिस्थितियों में लागू होने वाले छह महीने के कूलिंग पीरियड से छूट देते हुए विवाह विच्छेद (तलाक) की अनुमति प्रदान की है।

7 दिन चली शादी

दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में हुए विवाह के तुरंत बाद दुल्हन ने ससुराल पहुंचते ही पति व ससुरालवालों को साफ-साफ बताया कि शादी उसकी इच्छा के विरुद्ध पारिवारिक दबाव में हुई है। इतना ही नहीं दुल्हन ने ये भी स्वीकारा कि उसका पहले से किसी अन्य युवक से प्रेम संबंध है। इसके बाद वो मायके लौट गई। इसके बाद दोनों पक्षों ने बेमेल रिश्ते को खत्म करने का फैसला लिया और जनवरी के पहले सप्ताह में ही परिवार न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। करीब 7 महीने तक चली सुनवाई के बाद अब फैमिली कोर्ट ने तलाक पर मुहर लगा दी।

कानूनी अड़चन और दलीलें

इस मामले की सुनवाई के दौरान कानूनी सवाल यह था कि हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 13बी के तहत आपसी सहमति से तलाक के लिए दंपती को एक वर्ष तक अलग रहना जरूरी होता है। महिला पक्ष की अधिवक्ता वर्षा शर्मा ने हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 14(2) के तहत आवेदन देकर तर्क दिया कि जब दोनों पक्ष इस शादी को स्वीकार ही नहीं कर रहे और साथ रहने की कोई संभावना नहीं है, तो केवल तकनीकी आधार पर एक साल तक वैवाहिक बंधन में बांधकर रखना अनुचित होगा। सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देकर कहा गया, यदि विवाह व्यावहारिक रूप से खत्म हो चुका हो, तो पक्षकारों को बेवजह लंबे समय तक रिश्ते में घसीटना न्यायसंगत नहीं है।

कोर्ट ने कूलिंग पीरियड से दी छूट

परिवार न्यायालय के न्यायाधीश डॉ. कुलदीप जैन ने परिस्थितियों की गंभीरता और दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान में रखते हुए इसे एक विशेष मामला माना। न्यायालय ने सामान्य परिस्थितियों में लागू होने वाले छह महीने के कूलिंग पीरियड से छूट देते हुए विवाह विच्छेद (तलाक) की अनुमति प्रदान कर दी।