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56 दुकान पर विदेशी मेहमानों ने चखा इंदौरी जायका, ब्रिक्स कृषि महाकुंभ का शुभारंभ

BRICS Agriculture Summit : इंदौर में जुटे दुनिया के कृषि नीति निर्माता, छोटे किसानों से लेकर फूड सिक्योरिटी तक मंथन का 5 दिवसीय दौर शुरु।

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BRICS Agriculture Summit

56 दुकान पर विदेशी मेहमानों ने चखा इंदौरी जायका (Photo Source- Patrika)

BRICS Summit : दुनिया के कई देशों के कृषि मंत्री, नीति निर्माता और विशेषज्ञ इन दिनों मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर में जुटे हुए हैं। मंगलवार से शुरू हुए इसी पांच दिवसीय ब्रिक्स कृषि महाकुंभ से पहले सोमवार को शहर का माहौल अंतरराष्ट्रीय रंग में रंगा नजर आया। सम्मेलन में शामिल होने आए दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और इथियोपिया के प्रतिनिधियों ने इंदौर की पहचान बन चुकी 56 दुकान का दौरा किया और यहां के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद लिया। विदेशी मेहमानों ने दही बड़ा, कचोरी, नमकीन और शिकंजी का आनंद लिया। इंदौर के पारंपरिक स्वाद और मेहमाननवाजी ने उन्हें खासा प्रभावित किया। 56 दुकान पर मौजूद लोगों ने भी विदेशी मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

दरअसल, मंगलवार से शुरू हुए ब्रिक्स कृषि महाकुंभ की इंदौर मेजबानी कर रहा है। 9 जून से शुरु हुआ ये अंतरराष्ट्रीय आयोजन 13 जून तक चलेगा। इसमें ब्रिक्स देशों और सहयोगी राष्ट्रों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में खेती-किसानी से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर चर्चा शुरु हो गई है। इस दौरान भविष्य की कृषि रणनीतियों को लेकर मंथन किया जा रहा है।

पांच दिन तक चलेगा कृषि संवाद

कार्यक्रम के तहत 9 से 11 जून तक अधिकारी स्तर की बैठकें होंगी। इनमें खाद्य सुरक्षा, कृषि व्यापार, जलवायु परिवर्तन, कृषि अनुसंधान और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद 12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों का सम्मेलन होगा, जिसमें विभिन्न देशों के मंत्री साझा चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार रखेंगे। सम्मेलन के समापन पर एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र में भविष्य के सहयोग, अनुसंधान साझेदारी और साझा रणनीति का रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा। एजेंडे में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) और डिजिटल कृषि को विशेष महत्व दिया गया है।

छोटे किसानों और टिकाऊ खेती पर फोकस

सम्मेलन में विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने, कृषि में नई तकनीकों के उपयोग, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, कृषि व्यापार और कृषि क्षेत्र में महिलाओं व युवाओं की भूमिका को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

मेहमानों को दिखेगी मालवा की संस्कृति

कृषि बैठकों के साथ विदेशी प्रतिनिधियों को इंदौर और मप्र की सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराया जाएगा। उनके लिए राजबाड़ा, 56 दुकान और मांडू जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के भ्रमण की व्यवस्था की है। इसके अलावा ‘ब्रिक्स वाटिका’ में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा।

यह होगा सम्मेलन का प्रमुख एजेंडा

-वैश्विक खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति शृंखला सुदृढ़ीकरण
-जलवायु परिवर्तन से निपटने के कृषि उपाय
-एआइ,ड्रोन और डिजिटल कृषि तकनीक
-अंतरराष्ट्रीय कृषि व्यापार सहयोग
-लघु एवं सीमांत किसानों का कल्याण
-सतत एवं संसाधन-दक्ष खेती का विस्तार