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इंदौर एयरपोर्ट का ‘600 करोड़’ से होगा विस्तार, 150 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण

MP News: सरकार का मानना है कि बैंगलूरु, पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसा इंदौर को आइटी और औद्योगिक हब बनाना है तो इंदौर एयरपोर्ट का विस्तार जरूरी है।

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Indore Airport

Indore Airport (Photo Source - Patrika)

MP News: बढ़ते यात्री दबाव के बीच देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विस्तार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। एयरपोर्ट से लगी सिंहासा, नैनोद, कोडिया बर्डी और सिरपुर की 150 एकड़ जमीन को चिह्नित किया गया है। शासन स्तर पर इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है जिसका जल्द ही नोटिफिकेशन जारी होगा। जमीन अधिग्रहण में 600 करोड़ से अधिक की राशि खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हाल ही में भोपाल में एयरपोर्ट प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच इंदौर एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर एक अहम बैठक हुई।

एयरपोर्ट विस्तार की तैयारियां शुरू

सरकार का मानना है कि बैंगलूरु, पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसा इंदौर को आइटी और औद्योगिक हब बनाना है तो इंदौर एयरपोर्ट का विस्तार जरूरी है। इसके अलावा धार्मिक पर्यटन के साथ इंदौर में हवाई यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। भविष्य को देखते हुए सरकार ने एयरपोर्ट विस्तार की तैयारियां शुरू कर दी है। बैठक में जमीन हस्तांतरण को लेकर सहमति बनी। शासन की मंजूरी मिलते ही यह जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी को सौंप दी जाएगी। इस योजना को लेकर लंबे समय से विचार चल रहा था जिसे अब गति मिली है।

अपनी क्षमता के करीब पहुंचा एयरपोर्ट

वर्तमान में एयरपोर्ट करीब 729 एकड़ में फैला है और तेजी से बढ़ती फ्लाइट व यात्रियों के चलते अपनी क्षमता की सीमा तक पहुंच चुका है। वर्ष 2025 में यहां से 43 लाख से अधिक यात्रियों ने सफर किया जो मौजूदा संसाधनों पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है। इसी को देखते हुए प्रबंधन ने पुराने टर्मिनल को एटीआर विमानों के लिए तैयार किया है, जिसका जल्द ही शुभारंभ किया जाएगा। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार विस्तार के बाद पहले चरण में वार्षिक यात्री क्षमता 40 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ तक की जाएगी। वहीं अंतिम चरण में इसे बढ़ाकर 2.5 करोड़ यात्रियों तक ले जाने की योजना है।

रनवे बढ़ेगा, बड़े विमान उतरेंगे

योजना के तहत मौजूदा 2,754 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 3,500 मीटर किया जाएगा, जिससे ड्रीमलाइनर जैसे बड़े विमान भी आसानी से लैंड कर सकेंगे। इसके अलावा मल्टीलेवल पार्किंग, शॉपिंग जोन, फूड कोर्ट और मेट्रो कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। हालांकि प्रबंधन ने पहले करीब 1,230 एकड़ जमीन की मांग की थी, लेकिन फिलहाल करीब 150 एकड़ जमीन मिलने जा रही है। बावजूद इसके यह कदम इंदौर एयरपोर्ट को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है।

जमीन से मिलेगा विस्तार को बल

नई मिलने वाली जमीन सिंहासा क्षेत्र में खाली पड़ी है, जहां सुनियोजित तरीके से एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आने वाले कई वर्षों तक यात्रियों की जरूरतें पूरी हो सकेंगी। खासकर सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए यह विस्तार बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।