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अब मनमाने तरीके से नहीं पकड़ सकेंगे ‘सांप’, वन विभाग शुरु करेगा नई प्रक्रिया

MP News: नई योजना के तहत सबसे पहले सांप पकडऩे के लिए एक मानक प्रक्रिया तय की जाएगी।

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Snake' Catching

Snake' Catching (Photo Source - Patrika)

MP News: शहर में अब कोई भी व्यक्ति मनमाने तरीके से सांप नहीं पकड़ सकेगा। वन विभाग जल्द ही ऐसी व्यवस्था लागू करने जा रहा है, जिसके तहत केवल अधिकृत और प्रशिक्षित लोग ही सांप पकडऩे का काम कर पाएंगे। इसके लिए वन मंडल के डीएफओ की ओर से अनुमति दी जाएगी और संबंधित व्यक्तियों को सर्प विशेषज्ञ का प्रमाण-पत्र भी जारी किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया सर्प योजना के तहत लागू होगी।

दरअसल, बरसात के मौसम में शहर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में सांप निकलते हैं। ऐसे में लोग डर के कारण या तो कसी अनजान व्यक्ति को बुला लेते हैं या फिर सांप को मार देते हैं। कई बार बिना अनुभव के सांप पकडऩे की कोशिश में हादसे भी हो चुके हैं। वन विभाग के पास फिलहाल यह स्पष्ट डेटा नहीं है कि शहर में कितने लोग सांप पकडऩे का काम कर रहे हैं और उनमें से कितने प्रशिक्षित हैं।

पहले ट्रेनिंग, फिर मिलेगी अनुमति

नई योजना के तहत सबसे पहले सांप पकडऩे के लिए एक मानक प्रक्रिया तय की जाएगी। इच्छुक लोगों को आवेदन करना होगा, जिसके बाद उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस ट्रेनिंग में सांप की पहचान, सुरक्षित तरीके से पकडऩा और उसे जंगल में छोडऩे की पूरी प्रक्रिया सिखाई जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने पर उन्हें प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।

डाटा हो रहा तैयार

वन विभाग ऐसे सभी सर्प विशेषज्ञों का एक डेटाबेस भी तैयार करेगा। उनके मोबाइल नंबर और जानकारी सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी, ताकि जरूरत पडऩे पर आम लोग सीधे उनसे संपर्क कर सकें। इससे लोगों को सही और सुरक्षित मदद मिल सकेगी। समय की बर्बादी भी नहीं होगी।

अभी शौकिया पकडऩे वाले ज्यादा

अभी स्थिति यह है कि कई लोग केवल शौक या रुचि के कारण सांप पकडऩे लगते हैं, लेकिन उनके पास न तो अनुमति होती है और न ही कोई आधिकारिक पहचान। वन विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल लोगों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि सांपों का संरक्षण भी बेहतर तरीके से हो सकेगा। दक्षिण भारत में पहले से चल रही इस योजना को अब इसमें ही बदलाव कर यहां पर भी लागू करने की तैयारी है।