
indore bank robbery :मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित पंजाब नेशनल बैंक में कैश काउंटर पर फायरिंग कर 6.64 लाख रुपए लूटने वाले सेना से बर्खास्त फौजी को पुलिस उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर इंदौर ले आई है। कोर्ट में पेश कर आरोपी को रिमांड पर लेने के बाद अधिकारियों ने पूछताछ की, जिसमें बर्खास्त फौजी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वो बीत कई दिनों से कर्ज से परेशान था। यही नहीं, तनख्वाह कम मिलने पर घर चला पाना भी मुश्किल था। इसी को लेकर आए दिन पत्नी से विवाद की स्थिति बन जाती। बैंक में लूट करने के बाद वह उप्र में रह रही बहन के घर पहुंचा। लेकिन, अगले दिन वहां भी चाय पीते पीते खुद को न्यूज में देखा तो वहां से भी भाग गया।
मामले को लेकर जोन- 2 डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा का कहना है कि आरोपी अरुण कुमार सिंह पिता चंद्रपाल सिंह राठौर में रहने वाले एटा, उत्तर प्रदेश हाल मुकाम श्यामनगर मैन सुखलिया को कोर्ट में पेश कर 23 जुलाई तक रिमांड पर लिया है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया, सेना से बर्खास्त होने के बाद वह बैंक में 23 हजार तनख्वाह में सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी करने लगा। इस बीच बैंक में सर्कुलर आ गए कि दोनाली बंदूकधारी ही नौकरी पर रहेंगे। ऐसे में उसने बैंक से कहा था कि इतने कम समय में कैसे दोनाली बंदूक और लाइसेंस की व्यवस्था होगी। बंदूक का इंतजाम नहीं होने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद कभी वह सिक्युरिटी गार्ड तो कभी कैश वाहन में नौकरी करने लगा। कभी किसी घर में ड्यूटी देता।
पूछताछ में आरोपी अरुण ने बताया कि, नौकरी में 12 से 14 घंटे का समय लगता, जिसके ऐवज में उसे सिर्फ 10 हजार रुपए की तनख्वाह मिलती। लंबी नौकरी करने पर वह थकान की वजह से रोजाना शराब भी पिया करता। कम तनख्वाह में घर खर्च नहीं चल पाते। इस वजह से वह परिचितों से उधार लेने लगा। घर की जरूरतों को पूरा नहीं कर पाने से आरोपी का उसकी पत्नी से बहस भी होती। पारिवारिक समस्या से तंग आकर आरोपी ने वारदात वाले दिन अचानक बैंक लूटने की ठान ली। वह बाइक से स्कीम 54 पहुंचा। उसने बैंक में झांका तो वह कोई नहीं दिखा। रेनकोट और मुंह पर मास्क लगाकर वह बैंक में घुसा। गोली चलाकर दहशत फैला दी ताकि कोई बाहर से शटर बंद न कर दे। 6.64 लाख से अधिक नकदी लूटने के बाद वह सीधे घर पहुंचा। यहां से ऑटो से बस स्टैंड और सीधे मैनपुर उत्तरप्रदेश स्थित अपनी बहन के घर पहुंच गया।
डीसीपी के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में बताया, वह बहन के घर फरारी काटने पहुंचा। बहन के घर टीवी पर न्यूज चैनल चल रहा था। चाय पीने के दौरान अचानक अरुण ने खुद को टीवी पर देखा। पुलिस ने उसका नाम उजागर करने व उसे तलाशने की बात कही। दृश्य देख उसकी बहन ने उसे फटकार लगाई। इसके बाद अरुण पकड़ाने के डर से भाग निकला। आरोपी सीधे अपने मामा के घर पहुंचा। मामा के घर टीवी नहीं है। उन्हें उसकी हरकत के बारे में पता भी नहीं था। वह आराम से वह रुका था। टीम ने उसे वहां से दबोच लिया।
लूट की कहानी झूठी
डीसीपी ने बताया, आरोपी अरुण से लूट के 45 हजार बरामद किए हैं। बाकी पैसा उसने कहा छिपाया या दिया है, इस संबंध में पूछताछ कर रहे हैं। पहले तो वह कहने लगा कि लूट का पैसा उससे उप्र में किसी ने लूट लिया। अब तक की पूछताछ में उसके द्वारा बताई कहानी झूठी निकली। आरोपी ने जिन लोगों को लूट का पैसा दिया है। उसे बरामद करने के लिए जल्द आरोपी को टीम के साथ उत्तरप्रदेश भेजेंगे।
Updated on:
20 Jul 2024 12:39 pm
Published on:
20 Jul 2024 12:39 pm
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