27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सर्दी-जुकाम के बाद एक-एक करके 8 घोड़ों की मौत, कई घोड़ों को किया क्वारंटीन

मार्च में एक घोड़े को हुई थी सर्दी उसके बाद हो गई 8 की मौत,कुछ को खेत में किया क्वारंटीन
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

इंदौर

•

image

shazeb khan

•

Updated: 30 May 2020, 5:52 PM IST

horse death news

horse death news

इंदौर। मध्यप्रदेश के जिस जिले में सबसे ज्यादा कोरोना का संक्रमण है, उसी जिले की बेटमा तहसील में सर्दी-जुकान से एक-एक करके 8 घोड़ों की मौत से हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने बाकी घोड़ों को खेत में ही क्वारंटीन कर दिया है। घोड़ों की बीमारी की जांच के सैंपल हरियाणा भेजे गए हैं।

इंदौर जिले में इंसानों के साथ ही घोड़ों में भी कोरोना जैसे लक्षण मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। बेटमा में 8 घोड़ों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि इन घोड़ों की मौत के पीछे निमोनिया को मुख्य कारण बताया जा रहा है, लेकिन इनकी जांच के लिए सैम्पल हिसार (हरियाणा) भेजे गए हैं। घोड़ों की मौत के बाद बाकी बचे 3 घोड़ों को खेत में ही क्वारंटीन कर दिया गया है, जिससे यह बीमारी अन्य घोड़ों में या इन्सानों में न फैल जाए।

जानकारी के मुताबिक बेटमा के रहने वाला इरफान खान शादी-ब्याह की बारातों में घोड़े किराए पर देने का काम करते हैं। कोरोना संकट आने के कारण देश में लॉकडाउन की वजह से पहले ही बारातें निकलना बंद हो गई। घोड़ों की मौत की वजह से मालिक इरफान का काफी नुकसान हो गया है। अब उनके पास न ही रोजगार रह गया और न ही बचे तीन घोड़ों के इलाज के लिए पैसा बचा है। इरफान ने बताया कि मार्च माह में उनका एक घोड़ा बीमार हो गया था। घोड़े को सर्दी होने के साथ-साथ सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसकी वजह से उसने खाना-पीना भी बंद कर दिया था।

अप्रैल माह के शुरुआती दिनों में एक घोड़े ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। इसके बाद ऐसी ही स्थिति अन्य घोड़ों की भी होने लगी और वे एक के बाद एक मरने लगे। देखते ही देखते 7 घोड़ों ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद इरफान के पास तीन घोड़े जीवित बचे तो सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें खेत में ही क्वारंटीन कर दिया गया।

निमोनियाघोड़ों की मौत के बाद इरफान मे पशु चिकित्सकों से संपर्क किया था, जिसके बाद डॉ. स्वाति घोड़ों का इलाज करने मौके पर पहुंची। उऩके मुताबिक घोड़ों की मौत निमोनिया की वजह से हुई है। घोड़ों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। सभी में इस तरह के लक्षण मिले हैं। घोड़ों के सैंपल लेकर हिसार की लैब में जांच के लिए भिजवाए जा चुके हैं। उन्होने आशंका जताई है कि ग्लैंडर नामक बीमारी से घोड़ों की मौत हुई है। ये घोड़ों में होने वाली काफी चर्चित बीमारी है जो जानवरों से इंसानों में भी फैल सकती है। इसलिए घोड़े पालने वाले परिवार की स्वास्थ्य की जांच की गई जिसमें सभी सुरक्षित पाए गए हैं।

इन घोड़ों की मौत के पीछे निमोनिया है या कोरोना के कोई लक्षण मिलते हैं, यह जांच के बाद ही पता चल जाएगा। फिलहाल सभी लोग हरियाणा भेजी गई रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।