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कांग्रेसियों को खुश करने यहां कलेक्टर ने कर दी अपने अमले की ‘सर्जरी’

मुख्यमंत्री बनते ही कमल नाथ ने आईएएस अफसरों की सर्जरी करना शुरू कर दी है, जिसमें कई जिलों के कलेक्टरों की रवानगी हो गई।

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इंदौर

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Hussain Ali

Dec 22, 2018

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कांग्रेसियों को खुश करने यहां कलेक्टर ने कर दी अपने अमले की ‘सर्जरी’

इंदौर. मुख्यमंत्री बनते ही कमल नाथ ने आईएएस अफसरों की सर्जरी करना शुरू कर दी है, जिसमें कई जिलों के कलेक्टरों की रवानगी हो गई। बदले जाने की सूची में कलेक्टर निशांत वरवड़े का नाम भी था, लेकिन वे बच गए। अब कांग्रेस को खुश करने के लिए उन्होंने अपने अमले की सर्जरी कर दी ताकि कोई नाराजगी नहीं रहे, जो जाने का कारण बन पाए।

कल शाम को अचानक कलेक्टर निशांत वरवड़े ने डिप्टी कलेक्टर व तहसीलदारों के क्षेत्र बदल दिए। जैसे ही सूची आई, वैसे ही अफसरों में हडक़ंप मच गया। सवाल खड़े होने लगे कि आखिर ताबड़तोड़ ऐसा क्यों किया गया। जब आदेश पर मंथन किया गया तो सारी कहानी सामने आ गई। कांग्रेस नेताओं को खुश करने के हिसाब में अफसरों को इधर उधर किया गया। विधानसभा चुनाव के दौरान महू के रिटर्निंग अधिकारी व एसडीओ प्रतुल्ल सिन्हा से कांग्रेस प्रत्याशी अंतरसिंह दरबार नाराज थे। मतदान से लेकर मतगणना तक सिन्हा कायदे-कानून में रहे। उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया जो दरबार चाहते थे। दरबार, अपनी नाराजगी वरवड़े से भी जता चुके थे। उसको देखते हुए वरवड़े ने सिन्हा को महू से हटाकर खुडै़ल-कम्पैल का एसडीओ बना दिया। उसके अलावा डिप्टी कलेक्टर सुनिल झा से सेंट्रल कोतवाली एसडीएम का प्रभार ले लिया और उनके पसंदीदा राऊ एसडीएम रवि कुमार सिंह को सौंप दिया, जबकि उनके पास पहले से राऊ का चार्ज है। मल्हारगंज एसडीएम सोहन कनाश को महू भेजने के साथ में ट्रेनी डिप्टी कलेक्टर श्रीलेखा श्रोत्रिय को मल्हारगंज का चार्ज दिया गया। वहीं, अच्छे से चुनाव सम्पन्न कराने वाले रजनीश श्रीवास्तव को हातोद का चार्ज दिया गया। ऐसा लगता है कि बदलाव करके कांग्रेस नेताओं की नाराजगी को कम करने का प्रयास किया गया है।

तहसीलदारों को भी बदला

डिप्टी कलेक्टरों को इधर-उधर करने के साथ में एडिशनल रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका निभाने वाले तहसीलदारों को भी पूरे घर के बदल डालूंगा की तर्ज पर बदल दिया गया। महू में वर्षों से जमे हुए तपिश पांडे को हातोद कर दिया गया तो सुदीप मीणा से जूनी इंदौर लेकर राऊ भेजा गया। पल्लवी पुराणिक से राऊ लेकर खुडै़ल भेजा गया। एसएच विश्वकर्मा, संजय वाघमारे, अवधेश चतुर्वेदी, विवेक कुमार सोनी, दृष्टि चौबे और जगन्नाथ सोलंकी ऐसे तहसीलदार हैं जिन्हें छेड़ा नहीं गया है।