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इंदौर के 33 हेरिटेज स्थलों पर मेट्रो रूट की पड़ताल, हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई जांच

Indore Metro Underground Route- टीम ने देखा कि प्रस्तावित अंडरग्राउंड ट्रैक में कहीं हेरिटेज संरक्षण संबंधी नियमों और अधिसूचनाओं का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है।

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इंदौर

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Manish Geete

Jun 03, 2026

Indore Metro Underground Route

राजस्व विभाग और मेट्रो अधिकारियों की संयुक्त टीम ने राजबाड़ा क्षेत्र से भौतिक सत्यापन की शुरुआत की। विजुअल एआई जनरेटेड

Indore Metro News-इंदौर शहर में प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर और हेरिटेज भवनों के बीच संभावित टकराव को लेकर जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। मप्र हाईकोर्ट के निर्देश पर मंगलवार को राजस्व विभाग और मेट्रो अधिकारियों की संयुक्त टीम ने राजबाड़ा क्षेत्र से भौतिक सत्यापन की शुरुआत की। याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी भी मौके पर मौजूद रहे। टीम ने देखा कि प्रस्तावित अंडरग्राउंड ट्रैक में कहीं हेरिटेज संरक्षण संबंधी नियमों और अधिसूचनाओं का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है।

जानकारी के अनुसार फिलहाल एयरपोर्ट से रीगल तिराहा तक मेट्रो के भूमिगत कॉरिडोर का प्रस्ताव है। याचिकाकर्ता की ओर से दावा है कि एयरपोर्ट से बंगाली चौराहा के बीच रूट में किए गए बदलावों के बाद आवश्यक अधिसूचनाएं, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रियाएं और सार्वजनिक सूचनाएं जारी नहीं की गईं। इसी आधार पर मामले को न्यायालय में चुनौती दी गई है।

खास बातें

0-मेट्रो अलाइनमेंट से राजबाड़ा की दूरी 205 मीटर
0-कृष्णपुरा छत्री 188 मीटर
0-बोलिया सरकार छत्री 178 मीटर
0-राजबाड़ा स्थित दुर्गामंदिर 80 मीटर
0-राजस्व नक्शों और गूगल मैप से सत्यापन

33 हेरिटेज स्थलों की जांच का मुद्दा

कोडवानी ने प्रशासन के समक्ष 33 हेरिटेज भवनों और संरचनाओं की सूची प्रस्तुत की है। उनका कहना है कि प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो रूट इन संरचनाओं के पास से गुजर रहा है, जिससे हेरिटेज एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन होने की आशंका है। मंगलवार को जांच में राजबाड़ा, कृष्णपुरा छत्रियां और बोलिया छत्रियों के आसपास का क्षेत्र शामिल रहा। उन स्थलों को भी चिह्नित किया जहां पुरातत्व एवं हेरिटेज संरक्षण संबंधी बोर्ड लगे हैं। टीम फिलहाल सूचीबद्ध 33 स्थलों में से प्रारंभिक तौर पर तीन से चार स्थानों का सत्यापन कर रही है।

पुरातत्व विभाग से मांगी जानकारी

अधिकारियों ने पुरातत्व विभाग से भी अभिमत मांगा है। साथ ही जानकारी तलब की है कि संबंधित हेरिटेज स्थलों के संबंध में पूर्व में कोई विशेष अनुमति या राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित स्वीकृति जारी की गई थी या नहीं। जांच टीम में एसडीएम निधि वर्मा, तहसीलदार लोकेश आहुजा, मेट्रो परियोजना के इंजीनियरिंग अधिकारी शामिल रहे। भौतिक सत्यापन में जुटाई गई जानकारी और दस्तावेजी तथ्यों को 4 जून को कलेक्टर के समक्ष रखा जाएगा। जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो रूट और शहर की हेरिटेज धरोहरों के बीच किसी प्रकार का कानूनी या तकनीकी विवाद बनता है या नहीं।

इंदौर मेट्रो परियोजना

अंडरग्राउंड ट्रैक का निर्माण तेज
20 किमी ट्रैक पर जल्द शुरू होगा संचालन
नियंत्रित ब्लास्टिंग से चट्टानों तोड़ा जा रहा है
एयरपोर्ट के पास भी चल रहा है काम
भूमिगत स्टेशन तैयार होगा
8 माह पहले शुरू हुई थी खुदाई