उनका कहना था कि इस तरह बयानबाजी से जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए जांच रिपोर्ट आने के बाद भी पता चल पाएगा कि आखिर हादसा क्यूं हुआ। दुर्घटना के दूसरा मुख्य बिंदु यह है कि इंदौर में मेंटनेंस के दौरान ही गाड़ी में गड़बड़ी रह गई थी, क्योंकि इंदौर से उज्जैन तक सफर करने वाले एक यात्री ने पहले ही खड़खड़ की आवाज सुनकर रेलवे कर्मचारियों को सूचित कर दिया था। ट्रेन के कोच में चक्के जाम होने के कारण ही पॉवर पर दबाव बढ़ा था।