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#IndorePatnaExpress :33 किमी की लिमिट, दौड़ा रहे थे 110 किमी प्रति घंटा

सीआरएस की जांच के बाद हर अधिकारी के बोलने पर मनाही, उरई और कानपुर के बीच दो गुना से अधिक स्पीड से दौड़ रही थी

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Kamal Singh

Nov 22, 2016

latest news of indore patna express derailed heavy

latest news of indore patna express derailed heavy negligence of train speed


संजय रजक @ इंदौर. इंदौर-पटना एक्सप्रेस (19321) हादसे की सीआरएस ने जांच शुरू कर दी है। सीआरएस कल से ही कानपुर में डेरा जमाए हैं। जांच में ट्रेन की स्पीड को लेकर भारी लापरवाही किए जाने के तथ्य सामने आए हैं।

दुर्घटना में जांच का सबसे बड़ा बिंदु गाड़ी की स्पीड अधिक होना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार उरई से कानपुर रेल खंड के बीच पटना गाड़ी की स्पीड 33 से 35 किमी तय है, लेकिन वह 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी। हालांकि एेसा क्यूं हुआ, यह बताने से अभी अधिकारी बच रहे हैं। लेकिन इसे गंभीर चूक माना जा रहा है।


जानकारी के अनुसार इंदौर से पटना तक ट्रेन 1400 किमी का सफर तय करती है। इस दौरान एवरेज स्पीड 53 किमी प्रति घंटा होती है। सबसे हाई स्पीड निशातपुरा और झांसी जंक्शन के बीच 110 किमी की रफ्तार अभी तक आंकी गई है, लेकिन उरई और कानपुर जंक्शन के बीच स्पीड 33 से 53 तक ही है।

जबकि ट्रेन 19321 के ड्राइवर ने प्रारंभिक सूचना में बताया था कि जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय ट्रेन की स्पीड 110 किमी प्रति घंटा थी। रेलवे इंजीनियरों के अनुसार हर एक रेल खंड की अपनी स्पीड तय होती है। इसी स्पीड पर ट्रेन को चलाया जाता है।




सबने साध ली चुप्पी
घटना के बाद रेल मंत्रालय ने पूरी घटना की बारीकी से जांच के लिए मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) पीके आचार्य को नियुक्त किया है। जांच शुरू होते ही कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं। कल इस मामले को झांसी मंडल के पीआरओ झा ने भी कुछ भी बताने से मना कर दिया।


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उनका कहना था कि इस तरह बयानबाजी से जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए जांच रिपोर्ट आने के बाद भी पता चल पाएगा कि आखिर हादसा क्यूं हुआ। दुर्घटना के दूसरा मुख्य बिंदु यह है कि इंदौर में मेंटनेंस के दौरान ही गाड़ी में गड़बड़ी रह गई थी, क्योंकि इंदौर से उज्जैन तक सफर करने वाले एक यात्री ने पहले ही खड़खड़ की आवाज सुनकर रेलवे कर्मचारियों को सूचित कर दिया था। ट्रेन के कोच में चक्के जाम होने के कारण ही पॉवर पर दबाव बढ़ा था।


अब यात्रियों से मांग रहे घटना के सबूत
दुर्घटना के बाद जांच की जिम्मेदारी रेल सरंक्षा आयुक्त पीके आचार्य को सौंपी गई है। आचार्य जांच के साथ-साथ उन यात्रियों से भी चर्चा कर रहे हैं, जो ट्रेन में सवार थे। हाल ही में उत्तर-मध्य रेलवे के इलाहाबाद मंडल ने एक सूचना जारी की और कहा गया है कि आज और बुधवार को कानपुर रेलवे स्टेशन स्थित उप मुख्य यातायात प्रबंधक कार्यालय में घटना से संबंधित जानकारी दे सकते हैं। इसमें यात्री व घटना से जुड़े लोग फोटोग्राफ, वीडियो, सूचना आदि की जानकारी दे सकते हैं, ताकि जांच में सहायता मिल सके।


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