23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां जिंदा बम मिलने से फैली सनसनी, इलाका खाली कराकर सेना ने किया डिफ्यूज

मिलने वाला बम 84 mm गन का है। हालांकि, उसकी हालत से वो काफी पुराना मालूम हो रहा था। फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से उसे तुरंत ही इलाका खाली कराकर नष्ट कर दिया गया है।

2 min read
Google source verification
News

यहां जिंदा बम मिलने से फैली सनसनी, इलाका खाली कराकर सेना ने किया डिफ्यूज

इंदौर. मध्य प्रदेश की आर्थिक नगरी इंदौर के करीब स्थित महू आर्मी रेंज के बडगोंदा इलाके में जिंदा बम मिलने से सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि, बम एक मकान के नजदीक घास में पड़ा था। मामले की जानकारी लगते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने प्राथमिक जांच करके बम होने की पुष्टि की। साथ ही, पुलिस द्वारा आर्मी को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बम को डिफ्यूज किया।

मामले को लेकर बडगोंदा थाना पुलिस का कहना है कि, शनिवार की सुबह इलाके के कैलोद ग्राम में विनोद डांगे नामक युवक अपने मकान में काम शुरु कराने की गरज से मौके पर पहुंचा था। यहां मकान के नजदीक घास में उसे कुछ संदिग्ध चीज दिखाई दी। इस दौरान उसने आसपास के लोगों को भी बुला लिया। लोगों ने उसे देखकर बम होने का संदेज जताया। इसके बाद विनोद समेत अन्य लोगों ने मिलकर मामले की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बम होने की पुष्टि करते हुए आर्मी अफसरों को सूचित किया। अफसर मौके पर पहुंचे, जिन्होंने बताया कि, बम जिंदा हालत में था। यानी सिविलियंस द्वारा किसी तरह की गलती किये जाने पर वो फट भी सकता था। फिलहाल, अफसरों ने पूरा इलाका खाली कराकर बम डिफ्यूज कर दिया।

पढ़ें ये खास खबर- यहां अचानक बोरिंग उगलने लगा आग, पानी डालने पर भड़क रहीं लपटें


टैंक भेदी गन का था ये गोला- आर्मी

बम डिफ्यूज करने आए आर्मी टीम के अफसर के अनुसार, महू के नजदीक दो अलग-अलग आर्मी रेंज हैं, जहां टैंक भेदी RL गन (कार्ग गुस्ताफ रॉकेट लॉन्चर) के फायर की प्रैक्टिस की जाती है। इसे आम व्यक्ति अपनी भाषा में बम कहता है। प्रैक्टिस के दौरान जितने भी मिस फायर होते हैं, उसे सेशन के आखिर में उसी जगह डिफ्यूज कर दिये जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार, जो गोला ग्रामीण ने देखा था, वो 84 mm गन का है। हालांकि उसकी हालत से वो काफी पुराना मालूम हो रहा था। फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से उसे तुरंत ही इलाका खाली कराकर नष्ट कर दिया गया है।

उपेक्षित छोड़े गए खजुराहो शिल्पियों के वंशज - देखें Video