
MP High Court: निजी बैंक से प्लॉट पर लिए गए लोन की वसूली के लिए पटवारी और तहसीलदार ने व्यक्ति के घर को सील कर दिया। मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद कोर्ट ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए तहसीलदार और पटवारी से हलफनामे के जरिए जवाब मांगा है।
कोर्ट ने तुरंत मकान की सील खोलने का आदेश दिया और अधिकारियों से पूछा कि इतनी बड़ी गलती कैसे हुई। अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।
याचिकाकर्ता शिवनारायण ने एमयू स्माल फाइनेंस बैंक से प्लॉट गिरवी रखकर लोन लिया था। बैंक ने अदायगी न होने पर कलेक्टर के पास वसूली के लिए प्रकरण भेजा। कलेक्टर ने प्लॉट कुर्क करने के आदेश दिए, लेकिन तहसीलदार व पटवारी ने प्लॉट की बजाए उसके घर को सील कर दिया था। हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट के मुताबिक, लोन सर्वे नंबर 167 के प्लॉट पर लिया गया था, जबकि सील किया गया मकान सर्वे नंबर 192 की जमीन पर बना था। सरकार ने कोर्ट में गलती मान ली है।
Updated on:
6 Mar 2025, 8:40 AM IST
Published on:
6 Mar 2025, 8:40 AM IST
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