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101 करोड़ में तैयार हुआ एमपी का पहला एयर कंडीशनर बस स्टैंड, डेढ़ साल से खा रहा धूल

MP First Air Conditioned Bus Stand : आइएसबीटी में तमाम काम के साथ ही हरियाली के लिए पौधे लगाए गए थे। पौधों की देखरेख नहीं से सूख गए हैं।

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MP First Air Conditioned Bus Stand

MP First Air Conditioned Bus Stand (एमपी का पहला एयर कंडीशनर बस स्टैंड खा रहा धूल Photo Source- Patrika)

Indore ISBT : करीब 101 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ मध्य प्रदेश का पहला वातानुकूलित आइएसबीटी इंदौर के कुमेड़ी में अब भी धूल खा रहा है। करीब डेढ़ साल पहले बस स्टैंड का नोटिफिकेशन हो चुका है, लेकिन चालू करने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं हो रहे है। आइडीए ने बनाया, लेकिन चालू करने के लिए प्रशासन और आरटीओ की ओर निगाहे हैं। आरटीओ ध्यान ही नहीं दे रहा है।

करीब एक महीने पहले आइएसबीटी को लेकर ट्रेवल्स संचालकों की बैठक आइडीए में हुई थी। ट्रेवल्स संचालक अपनी बसें सरवटे बस स्टैंड या बीच शहर में दूसरी जगह से चलाते हैं, लेकिन वे आइएसबीटी आने को तैयार नहीं हुए। डेढ साल पहले आइएसबीटी का निर्माण पूरा हो चुका है। जनवरी 2025 में आरटीओ ने आइएसबीटी को बस स्टैंड का दर्जा देने के लिए नोटिफिकेशन करा दिया है। इसके बाद जल्द बस स्टैंड का संचालन शुरू होना चाहिए, लेकिन डेढ़ साल बाद भी नहीं हो पाया है।

सूख रही हरियाली

आइएसबीटी में तमाम काम के साथ ही हरियाली के लिए पौधे लगाए गए थे। पौधों की देखरेख नहीं से सूख गए हैं। पिछले दिनों इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

IDA का तर्क : हमने काम पूरा किया, अब प्रशासन-RTO जाने

आइडीए सीइओ डॉ. परीक्षित झाड़े का कहना है कि आइडीए ने निर्माण पूरा कर दिया है, अब जिला प्रशासन व आरटीओ को संचालन करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। बस स्टैंड का संचालन शुरू होना चाहिए, लेकिन डेढ़ साल बाद भी नहीं हो पाया है।

RTO का जवाब : एक और बैठक होगी, फिर करेंगे सख्ती

आरटीओ प्रदीप शर्मा ने कहा, बस स्टैंड का नोटिफिकेशन हो गया है, ट्रेवल्स संचालक बसें चलाने को तैयार नहीं हैं। कलेक्टर के निर्देशन पर ट्रेवल्स संचालकों की बैठक बुलाएंगे। अगर नहीं माने तो फिर सख्ती की जाएगी।

अब तक एजेंसी का अनुबंध नहीं

आइडीए ने बस स्टैंड संचालन के लिए टेंडर निकाले। पांचवीं बार निकाले गए टेंडर के आधार पर पुणे की एजेंसी को संचालन का काम दिया गया है। मार्च अंत में हुई बजट बैठक में इस एजेंसी को संचालन का काम देना तय हुआ था, लेकिन अभी तक एजेंसी के साथ अनुबंध ही नहीं हो पाया है। हालांकि, अफसरों का कहना है कि जल्द अनुबंध किया जाएगा।