
MP's villages will turn into luxurious colonies
MP's villages will turn into luxurious colonies मध्यप्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। अधोसंरचना विकास के लिए महानगरोें से लेकर गांवों तक की दशा सुधारी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के चार महानगरों को मेट्रोपोलिटिन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना की घोषणा कर चुके हैं। अब राज्य सरकार ने गांवों की भी सुध ली है। प्रदेश के गांवों को अब लकदक कॉलोनी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी शुरुआत इंदौर से हो रही है।
एमपी की व्यवसायिक राजधानी इंदौर चारों ओर से तेजी से बढ़ रहा है। इस महानगर में विकास की अपार संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार का यहां फोकस बना हुआ है। भौगोलिक दृष्टि से भी इंदौर मुफीद है। यह मध्यप्रदेश और देश के मध्य में स्थित है। यही कारण है कि सीएम मोहन यादव ने इंदौर के सुनियोजित विकास पर ध्यान केंद्रित किया है।
इसी कड़ी में इंदौर के आसपास के गांवों की दशा सुधारने की पहल की जा रही है। इंदौर नगर निगम की सीमा में ऐसे 29 गांव शामिल हैं जिनके विकास के लिए विशेष कार्ययोजना बनायी जा रही है। ये सभी गांव जल्द ही बड़े शहरों की सर्वसुविधायुक्त कॉलोनी जैसे नजर आएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रस्तावित इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र और इंदौर रीजनल डेवलपमेंट एरिया के लिए आयोजित बैठक में इसके लिए कार्य-योजना तैयार करने को कहा। सीएम ने यह कार्ययोजना एक माह में बनाने के निर्देश दिए हैं।
खास बात यह है कि सीएम मोहन यादव ने इंदौर नगर निगम सीमा में शामिल सभी 29 गांवों को शहरी कॉलोनियों जैसा विकसित करने को कहा। इन गांवों के साथ ही इंदौर की पुरानी बस्तियों की दशा सुधारने के भी निर्देश दिए।
सीएम मोहन यादव ने नगर निगम सीमा के सभी गांवों में कॉलोनियों जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने को कहा। इन गांवों के जमीन संबंधी मामले निराकृत करने और इनके नक्शे पास करने को भी कहा। सीएम ने सभी 29 गांवों को शहर की कॉलोनी जैसा बनाने पर जोर दिया।
Updated on:
09 Sept 2024 06:19 pm
Published on:
09 Sept 2024 06:02 pm
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