
कमर्शियल गैस सिलेंडर पर नई व्यवस्था लागू (Photo Source- Patrika)
Commercial Gas Cylinder : कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई में पारदर्शिता और नियंत्रण लाने के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर जिला प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। प्रशासन की ओर से की गई नई व्यवस्था के अनुसार, अब शहर के सभी व्यावसायिक संस्थानों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति उनके पिछले तीन महीने के उपभोग के आधार पर तय होगी। यानी जितनी खपत का रिकॉर्ड, उतनी ही दैनिक सप्लाई, वो भी अधिकारियों की मंजूरी के बाद।
इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी एम.एल मारु का कहना है कि, सभी गैस एजेंसियों और सेल्स ऑफिसर को निर्देश दिए गए हैं कि, वे अपने-अपने क्षेत्रों के व्यावसायिक उपभोक्ताओं का पिछले तीन महीने का डेटा जुटाएं। इसी डेटा के आधार पर हर संस्था की औसत दैनिक खपत निकाली जाएगी और फिर एक तय प्रतिशत के अनुसार सिलेंडर आवंटित किए जाएंगे। इस प्रक्रिया के बाद हर एक होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा या अन्य व्यवसाय के लिए एक चार्ट तैयार किया जाएगा। इस चार्ट को प्रशासनिक स्तर पर अप्रूव किया जाएगा, जिसके बाद ही गैस एजेंसियां सप्लाई करेंगी। ये व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक कोई नया आदेश जारी नहीं हो जाता।
नई व्यवस्था में गैस आवंटन को प्राथमिकता के आधार पर बांटा गया है, ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों। प्रशासन पहले जरूरी सेवाओं को सुचारु रखना चाहता है, जबकि होटल-रेस्टोरेंट जैसे व्यवसायों को सीमित सप्लाई में ही अपने काम चलाने होंगे।
प्रशासन की ओर से दिए गए इस आदेश की सख्ती से निगरानी भी की जाएगी। इसके लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं जो ये बात सुनिश्चित करेंगी कि, गैस एजेंसियां या उपभोक्ता किसी तरह की गड़बड़ी न कर सकें। नई व्यवस्था से जहां पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है, वहीं होटल और फूड इंडस्ट्री के सामने चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं। फिलहाल, अब देखना दिलचस्प होगा कि, सीमित गैस सप्लाई के बीच ये कारोबार खुद को संतुलित कैसे कर पाते हैं?
अस्पताल व शैक्षणिक संस्थान को 30 फीसद, वहीं पुलिस, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सेवाएं को 35 फीसद, होटलों को 9 फीसद, रेस्टोरेंट/केटरिंग को भी 9 फीसद, ढाबा/स्ट्रीट फूड को 7 फीसद, उद्योग को 5 फीसद और अन्य को 5 फीसद सप्लाई की व्यवस्था रहेगी।
Updated on:
24 Mar 2026, 2:05 PM IST
Published on:
24 Mar 2026, 2:05 PM IST
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